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Rohith Vemula Case: वेमुला आत्महत्या मामले की दोबारा होगी जांच, DGP ने जारी किया बयान

मामले के बंद होने की प्रतिक्रिया में हैदराबाद विश्वविद्यालय (यूओएच) के छात्र संगठनों ने राज्य पुलिस के फैसले की निंदा करते हुए शुक्रवार को विरोध प्रदर्शन किया। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस आरोपियों को बरी करने से पहले तथ्यों की गहन जांच करने में विफल रही।

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तेलंगाना में रोहित वेमुला आत्महत्या मामले को पुलिस की ओर से आरोपियों के खिलाफ अपर्याप्त सबूतों के कारण बंद करने के बाद शनिवार को मृतक की मां राधिका वेमुला ने शनिवार को तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी से मुलाकात की तथा इस मामले में हस्तक्षेप करने का अनुरोध किया। राधिका ने अपने बेटे के मामले में न्याय की गुहार लगाई जिस पर मुख्यमंत्री ने उन्हें आश्वासन देते हुए न्याय सुनिश्चित करने के लिए दोबारा जांच शुरू करने का वादा किया। पुलिस रिपोर्ट के बारे में राधिका वेमुला के संदेह के मद्देनजर DGP ने शनिवार को बयान जारी कर आगे की जांच के लिए मामले को फिर से खोलने का फैसला किया है।

क्लोजर रिपोर्ट में आरोपियों को बरी कर दिया गया

बता दें कि 26 वर्षीय रोहित वेमुला ने 17 जनवरी, 2016 को हैदराबाद सेंट्रल यूनिवर्सिटी में अपने छात्रावास के कमरे में आत्महत्या कर लिया था। उनके निधन पर देशभर में व्यापक विरोध प्रदर्शन हुआ जिसमें राहुल गांधी समेत विपक्ष के सभी बड़े नेता ने मोदी सरकार पर दलित विरोधी होने का आरोप लगाया था।

क्लोजर रिपोर्ट में आरोपियों को बरी कर दिया गया। आरोपियों में केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री स्मृति ईरानी, सिकंदराबाद के तत्कालीन सांसद बंडारू दत्तात्रेय, विधान परिषद के सदस्य एन रामचंदर राव, हैदराबाद विश्वविद्यालय के कुलपति अप्पा राव और भारतीय जनता पार्टी की छात्र शाखा अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के नेता समेत कई प्रमुख राजनीतिक हस्तियों को निर्दोष बताया गया है।

वेमुला एबीवीपी और विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ पांच दलित पुरुषों को वेमुला सहित उनके छात्रावासों और विश्वविद्यालय के सार्वजनिक स्थानों का उपयोग करने से रोकने के फैसले पर विरोध कर रहा था।