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‘हिंदू मजबूत होंगे तभी…’, RSS चीफ मोहन भागवत ने ऐसा क्यों कहा

RSS chief Mohan Bhagwat: RSS चीफ ने कहा कि हिंदू समाज की आंतरिक शक्ति बढ़ रही है। इसके साथ ही संगठन का विस्तार इस शक्ति को और व्यापक रूप देगा।

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May 25, 2025
RSS चीफ ने हिंदू एकता पर दिया जोर (Photo-ANI)

Mohan Bhagwat: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रमुख मोहन भागवत ने एक बार फिर हिंदुओं की एकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि भारत की एकता ही हिंदुओं की सुरक्षा की गारंटी हैं। उन्होंने कहा कि सुरक्षा की शुरुआत समाज से होती है, सिर्फ राज्य से नहीं। मोहन भागवत ने कहा कि हिंदू समाज और भारत एक-दूसरे से गहराई से जुड़े हुए है और हिंदू समाज जब सशक्त होगा, तभी भारत गौरव प्राप्त करेगा।

हिंदुओं को आत्मरक्षा के लिए तैयार रहने की दी सलाह

इस दौरान मोहन भागवत ने हिंदुओं को आत्मरक्षा के लिए तैयार रहने की भी सलाह दी। मोहन भागवत ने कहा कि आपकों खुद अपनी रक्षा करनी होगी, दूसरों का इंतजार मत करिए। जब हिंदू मजबूती से खड़े होते हैं तब दुनिया उन्हें गंभीरता से लेती है। 

हिंदू समाज की आंतरिक शक्ति बढ़ रही

RSS चीफ ने आगे कहा कि हिंदू समाज की आंतरिक शक्ति बढ़ रही है। इसके साथ ही संगठन का विस्तार इस शक्ति को और व्यापक रूप देगा। जब तक हम यह लक्ष्य हासिल नहीं कर लेते तब तक यह लड़ाई जारी रहेगी। 

बांग्लादेश में हिंदुओं पर हुआ अत्याचार

मोहन भागवत ने बांग्लादेश और पाकिस्तान में हिंदुओं पर हो रहे अत्याचार को लेकर भी बात कही। उन्होंने कहा कि बांग्लादेश में हिंदुओं पर अत्याचार हुआ। इस अत्याचार के खिलाफ जो आक्रोश सामने आया वह पहले कभी नहीं देखा गया। उन्होंने कहा कि अब बांग्लादेश के हिंदू कह रहे हैं- हम भागेंगे नहीं, अपने अधिकारों के लिए लड़ेंगे।

जाति और पंथ के विभाजन से ऊपर उठने की आवश्यकता

हिंदुओं को एकता पर जोर देते हुए मोहन भागवत ने कहा कि सनातन धर्म के सच्चे सार को संरक्षित करने के लिए लोगों को जाति और पंथ के विभाजन से ऊपर उठने की आवश्यकता है।

RSS चीफ हिंदू एकता पर दे रहे जोर

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के प्रमुख मोहन भागवत ने हाल के महीनों में हिंदू एकता पर जोर देते हुए कई बयान दिए हैं। उन्होंने हिंदू समाज को जाति, भाषा और क्षेत्रीय मतभेदों को मिटाकर एकजुट होने का आह्वान किया है। भागवत ने कहा है कि हिंदू समाज की एकता भारत की वैश्विक जिम्मेदारी को पूरा करने और विश्व में शांति के दूत के रूप में स्थापित होने के लिए आवश्यक है। 

Updated on:
25 May 2025 05:36 pm
Published on:
25 May 2025 05:33 pm
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