
Russian woman goes missing along with child ( photo - patrika network )
सुप्रीम कोर्ट में एक रूसी महिला और भारतीय व्यक्ति के बच्चे की कस्टडी का एक अनोखा मामला सामने आया है। यह महिला मई में अचानक बच्चे को लेकर गायब हो गई थी, जिसके बाद अब कोर्ट ने उसके खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी करने का निर्देश दिया है। महिला की पहचान विक्टोरिया के रूप में हुई है। कोर्ट ने केंद्र सरकार से कहा है कि विक्टोरिया देश छोड़ कर नहीं जानी चाहिए। कोर्ट ने गुरुवार को दिल्ली पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों को निर्देश देते हुए तुरंत विक्टोरिया और उसके बच्चे का पता लगाने को कहा है। साथ ही कोर्ट ने बच्चे के मिलने पर उसे उसके भारतीय पिता के हवाले करने के आदेश भी दिए है। जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की बेंच ने यह आदेश जारी किए है।
विक्टोरिया की चीन की एक कंपनी में काम करते हुए भारत के सैकत बसु से मुलाकात हुई थी। इसके बाद दोनों ने साल 2017 में शादी कर ली और 2020 में दोनों को एक बेटा हुआ। दोनों कुछ सालों तक साथ रहे लेकिन बाद में उन्होंने अलग होने का फैसला लिया। फिलहाल दिल्ली के फैमिली कोर्ट में दोनों के तलाक का केस चल रहा है।
सैकत बसु ने खुलासा किया है कि उनके बेटे की कस्टडी को लेकर उनके और विक्टोरिया के बीच एक समझौता हुआ था जिसके अनुसार बेटा हफ्ते में तीन दिन अपनी मां के साथ रहेगा और बाकी दिन पिता के साथ। दोनों के पास बच्चे की ज्वाइंट कस्टडी थी और वह दिल्ली में अलग अलग घरों में रह रहे थे। हालांकि दोनों ही बच्चे की पूरी कस्टडी पाना चाहते है और कई बार इसे लेकर कोर्ट में केस कर चूके है।
मई महीने में 22 तारीख के दौरान तीन दिन के लिए बच्चे की कस्टडी मां के पास थी। सैकत के मुताबिक उसी दिन आखिरी बार उसने अपने बच्चे को देखा था। सैकत के अनुसार, 7 जुलाई के बाद से उसे अपने बच्चे की कोई जानकारी नहीं है। महिला अपने घर पर नहीं है और उसका फोन भी बंद आ रहा है।
सैकत के पिता इंडियन नेवी में अफसर रह चूके है, जबकि विक्टोरिया के पिता रूस की खुफिया एजेंसी में काम करते थे। परिवार ने बताया कि, शादी के बाद अक्सर विक्टोरिया पति पर उसे कोलकाता स्थित सेना की पूर्वी कमान के हेडक्वार्टर फोर्ट विलियम घूमाने ले जाने की बात कहती थी। सैकत और उनके परिवार का मानना है कि विक्टोरिया भारत की जासूसी कर रही थी और खुफिया जानकारी लेकर रूस लौटना चाह रही है। इसी के चलते परिवार ने सुप्रीम कोर्ट में गुहार लगाई है कि केंद्र सरकार विक्टोरिया का पासपोर्ट जब्त कर ले।
सैकत का आरोप है कि विक्टोरिया को 4 जुलाई को रूसी दूतावास में पिछले दरवाजे से घुसते हुए देखा गया था। इस दौरान विक्टोरिया के साथ एक रूसी राजनयिक भी था और सैकत का आरोप है कि विक्टोरिया का इस व्यक्ति के साथ अफेयर चल रहा है। शिकायत मिलने पर कोर्ट ने महिला के वकीलों को संपर्क किया लेकिन उन्होंने इस विषय में किसी भी तरह की जानकारी न होने की बात कही। हालांकि कोर्ट को वकीलों की बात पर विश्वास नहीं हुआ और कोर्ट ने उनसे कहा कि हमें पता है आप सब जानते है और हम आपसे जवाब तलब कर लेंगे।
महिला को ढूंढने के आदेश देने के साथ ही कोर्ट ने यह चेतावनी भी दी है कि अगर रूसी दूतावास के अधिकारी महिला को देश से भगाने या छिपा कर रहने में मदद कर रहे है तो उन्हें कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है। इस मामले में कोर्ट ने काफी सख्ती दिखाई है और यह साफ कर दिया है कि महिला को किसी भी हालत में देश छोड़ कर जाने नहीं दिया जाएगा। कोर्ट ने महिला का पासपोर्ट जब्त करने के आदेश दिए है और जिस रूसी राजनयिक के साथ वह नजर आई थी उसके घर की तलाशी के आदेश भी जारी किए है।
Updated on:
18 Jul 2025 04:26 pm
Published on:
18 Jul 2025 04:24 pm
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