
तमिलनाडु में खुदाई में मिला 2,500 साल पुराना सीढ़ीदार कुआं (File Photo)
तमिलनाडु (Tamil Nadu) के तेनकासी (Tenkasi) जिले में एक प्राचीन सीढ़ीदार कुआं मिला है। बताया जा रहा है कि यह कुआं करीब 2,500 साल पुराना है और संगम युग (Sangam Era) से संबंधित है। राज्य में इस प्रकार की यह पहली खोज है। यह महत्वपूर्ण पुरातात्विक खोज करिवलमवंथनल्लूर गांव के मलयाडिपट्टी क्षेत्र में वैपारू नदी के किनारे की गई है। तेनकासी जिले के पुरातत्व विभाग के शोधकर्ताओं ने तीन महीने से चल रहे उत्खनन के दौरान इस कुएं को ढूंढ निकाला।
संगम काल की निर्माण शैली के अनुरूप बने इस कुएं में पत्थर की सीढ़ियाँ और ईंटों की दीवारें मिली हैं। सीढ़ियों पर घिसाव के निशान भी मिले हैं जिससे लगता है कि प्राचीन काल में लोग इसे लंबे समय तक इस्तेमाल करते थे। कुएं के अंदर ऊंचे जल स्तर के संकेत मिले हैं। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि गर्मियों में यह स्थानीय लोगों के लिए पानी का प्रमुख स्रोत रहा होगा। अभी तक इसकी गहराई दो मीटर तक ही खोदी गई है, लेकिन आगे और खुदाई से पूरी जानकारी मिल सकती है।
पत्थर की सीढ़ियों वाले संगम काल के कुएं की खोज की वजह से इस खुदाई वाली जगह का महत्व बढ़ गया है। इस जगह पर काम कर रहे पुरातत्व शोधकर्ता ने बताया कि खुदाई वाली जगह पर दो इलाके मिले हैं। इनमें से एक रहने की जगह और दूसरा इलाका श्मशान बताया जा रहा है। इन दोनों जगहों पर खुदाई का काम चल रहा है। रहने वाली जगहों पर संगम काल की इमारतों के अवशेष भी मिले हैं।
इस खोज का महत्व इसलिए भी बढ़ जाता है क्योंकि संगम साहित्य में वर्णित जल प्रबंधन, शहरी व्यवस्था और दैनिक जीवन की पुष्टि होती है। संगम युग को तमिल संस्कृति का स्वर्ण युग माना जाता है, जिसमें साहित्य, व्यापार, कृषि और शिल्पकला चरम पर थी। तिरुमलापुरम और वेम्बाक्कोट्टई की पिछली खुदाइयों के बाद करिवलमवंथनल्लूर साइट वैपारू नदी बेसिन की ऐतिहासिक महत्वपूर्णता को दर्शाती है। यह खोज तमिलनाडु की प्राचीन सभ्यता को और गहराई देती है और साथ ही संगम युग की समझ को नई दिशा भी प्रदान करती है।
Updated on:
08 Jul 2026 01:00 am
Published on:
08 Jul 2026 12:59 am
