7 जनवरी 2026,

बुधवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

होम

video_icon

शॉर्ट्स

catch_icon

प्लस

epaper_icon

ई-पेपर

profile_icon

प्रोफाइल

पंजाब के लुधियाना में दर्दनाक हादसा, दो बच्चों समेत एक ही परिवार के 7 जिंदा जले

पंजाब के लुधियाना से बड़ी खबर सामने आ रही है। यहां एक दर्दनाक हादसे में परिवार के सात लोगों के जिंदा जलने का मामले सामने आया है। मौके पर पहुंची पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। हादसे के बाद से ही इलाके में मातम का माहौल है।

2 min read
Google source verification
Seven Members Of A Family Were Burnt Alive In Fire Broke Out In hut Ludhiana Punjab

Seven Members Of A Family Were Burnt Alive In Fire Broke Out In hut Ludhiana Punjab

पंजाब के लुधियाना में एक दर्दनाक हादसा हो गया। यहां के टिब्बा रोड पर नगरपालिका कचरा डंप यार्ड के पास बनी एक झुग्गी में आग लग जाने से एक ही परिवार के 7 लोगों की जलकर मौत हो गई। खास बात यह है कि इनमें दो बच्चे भी शामिल हैं। हादसे की खबर लगते ही पुलिस और प्रशासन के अमले के साथ ही फायर ब्रिगेड की गाड़ियां भी पहुंची। लेकिन तब तक हादसे में परिवार के सात सदस्यों की जलकर मौत हो गई थी। पूर्वी लुधियाना के सहायक पुलिस आयुक्त सुरिंदर सिंह ने बताया कि यह घटना 19 अप्रैल रात करीब 1:30 बजे की है। फायर ब्रिगेड ने आग को तुरंत बुझा दिया। झोपड़ी से 7 शव बरामद हुए।

इस हादसे में जान गंवाने वाला परिवार प्रवासी मजदूर थे और टिब्बा रोड पर नगरपालिका कचरा डंप यार्ड के पास झोपड़ी बनाकर रह रहे थे। अचानक भीषण आग लगने के बाद चीख पुकार मच गई। स्थानीय लोगों ने बचाने की कोशिश की, लेकिन कामयाबी नहीं मिली।

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, देखते ही देखते आग की लपटें तेज होती चली गईं। इस बीच दमकल विभाग को भी सूचित किय गया, लेकिन समय जब तक दमकल की गाड़ियां पहुंची तब तक आग विकराल रूप ले चुकी थी।
दमकल की गाड़ियों ने तुरंत कार्रवाई शुरू की, जब तक आग पर काबू पाया जाता तब तक परिवार के सातों लोग जिंदा जल चुके थे।

सहायक पुलिस आयुक्त (पूर्व) लुधियाना, सुरिंदर सिंह ने कहा कि वे प्रवासी मजदूर थे और यहां टिब्बा रोड पर नगर पालिका कचरा डंप यार्ड के पास अपनी झोपड़ी में सो रहे थे।

हादसे में गई इन लोगों की जान
पुलिस के मुताबिक हादसे में जिन लोगों की जान गई, उनमें सुरेश सैनी, रोशनी देवी, राखी कुमारी, मनीषा कुमारी, चंदा कुमारी, गीता कुमारी, सनी की मौत हुई है। वहीं हादसे में सिर्फ राजेश कुमार ही जिंदा बचा है।
ये सभी बिहार के समस्तीपुर के रहने वाले थे। खाना खाने के बाद परिवार रात आठ बजे सोया था।

शार्ट सर्किट के चलते हुआ हादसा
पुलिस की शुरुआती तौर जांच में ये बात सामने आई है कि, हादसा की वजह शार्ट सर्किट है। परिवार ने झोपड़ी में बिजली लगा रखी थी। माना जा रहा है कि शार्ट सर्किट की वजह से आग भड़की और पूरे परिवार को लील लिया। फिलहाल पुलिस और फॉरेंसिक टीम जांच में जुटी हैं।