Sextortion Case: न्यायमूर्ति संदीप मौदगिल ने कहा, "वर्तमान में इमेज और वीडियो बेस्ड यौन शोषण सबसे अधिक रिपोर्ट किया जाने वाले केस हैं। यह ऑनलाइन ब्लैकमेल का एक रूप है।
Sextortion Case: पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने 73 वर्षीय एक डॉक्टर को ब्लैकमेल (Blackmail) कर उसके अश्लील वीडियो वायरल करने तथा उससे 1.34 करोड़ रुपये की जबरन वसूली करने की आरोपी महिला की जमानत खारिज कर दी। जानकारी के अनुसार, आरोप है कि डॉक्टर को एक महिला ने व्हाट्सएप पर वीडियो कॉल किया और उसके निर्देशों का पालन करते हुए वह बाथरूम में गया और कपड़े उतारे, जिसके दौरान महिला ने कथित तौर पर उसका अश्लील वीडियो रिकॉर्ड कर लिया। महिला ने सह-आरोपी के साथ मिलकर कथित तौर पर 1.34 करोड़ रुपये से अधिक की उगाही की। बाद में डॉक्टर ने राष्ट्रीय साइबर अपराध पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई।
न्यायमूर्ति संदीप मौदगिल ने कहा, "वर्तमान में इमेज और वीडियो बेस्ड यौन शोषण सबसे अधिक रिपोर्ट किया जाने वाले केस हैं। यह ऑनलाइन ब्लैकमेल का एक रूप है, जो 2021 से प्रचलन में बढ़ रहा है। चिंता की बात यह है कि हाल ही में सेक्सटॉर्शन की बहुत सारी घटनाएं हुई हैं। खासकर ऑनलाइन डेटिंग के माध्यम से इसमें इजाफा हुआ है।" कोर्ट ने इस बात पर प्रकाश डाला कि ऑनलाइन फ्रॉड करने वाले लोग भोले-भाले लोगों को टारगेट करते हैं, विशेषकर किशोरों को और उनसे छेड़छाड़ करते हैं, उनके वीडियो गुप्त रूप से उसकी रिकॉर्डिंग करते हैं इसके बाद धमकी देते हैं कि यदि पीड़ित उनकी वित्तीय मांगें पूरी नहीं करता है तो वे ऐसी क्लिप को ऑनलाइन पोस्ट कर देंगे।
न्यायालय ने कहा कि पीड़ितों के रिजल्ट की यह रिपोर्ट विशेष रूप से बच्चों के लिए विनाशकारी हैं। "शर्मिंदगी, निराशा और अकेलेपन का अनुभव करने वाले कई पीड़ितों की मदद के लिए उनके पास कोई नहीं होता और कुछ तो बिना यह जाने कि मदद उपलब्ध है, अपनी जान लेने तक चले जाते हैं।"बता दें कि ये टिप्पणियां BNS की धारा 204, 308(2), 306(6), 318(4), 319, 61 के तहत आरोपी महिला की तीसरी जमानत याचिका पर सुनवाई करते हुए की गईं।