
राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खरगे
कांग्रेस के पूर्व केंद्रीय मंत्री शकील अहमद ने राहुल गांधी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने राहुल को भारतीय राजनीति का सबसे 'इनसेक्योर' (डरपोक) नेता बताया। शकील का कहना है कि राहुल अपनी ही पार्टी के मजबूत नेताओं से डरते हैं और बाहर से लाए गए नए नेताओं को ज्यादा तरजीह देते हैं। यह बयान बिहार विधानसभा चुनावों के बाद कांग्रेस से इस्तीफा देने के बाद आया है।
शकील अहमद ने कहा, 'राहुल जी की पौधा लगाने से ज्यादा उसे उखाड़ देने में रुचि है। वे अपनी ही पार्टी के मजबूत नेताओं से डरते हैं। इस वजह से वे दूसरी पार्टी से आए नेताओं को ज्यादा तवज्जो देते हैं। मेरी नजर में राहुल जी से ज्यादा इनसेक्योर पॉलिटिशियन अब तक कोई नहीं दिखा।' उन्होंने आगे बताया कि राहुल को 'बॉस वाली फिलिंग' पसंद है। पार्टी के वर्तमान अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे सिर्फ नाम के हैं, असली रिमोट राहुल के हाथ में है। शकील के मुताबिक, राहुल मजबूत कांग्रेस चाहते हैं, लेकिन कांग्रेसी मजबूर चाहिए।
पूर्व मंत्री ने आरोप लगाया कि राहुल पुराने नेताओं से नहीं बैठना पसंद करते क्योंकि उन्हें 'आप' और 'जी' कहकर संबोधित करना पड़ता है। वे बाहर से आए नेताओं को इसलिए पसंद करते हैं क्योंकि उनकी पार्टी में पकड़ नहीं होती, उन्हें आसानी से हटाया जा सकता है। शकील ने कहा, 'उनके पार्टी छोड़ने के बाद दूसरी पार्टी से आए नेता बड़े पदों पर बने हुए हैं। इसकी वजह यह है कि इन नेताओं की पार्टी में पकड़ नहीं है तो उन्हें जब चाहें उखाड़ कर फेंक सकते हैं।' उन्होंने राहुल को पहले से योजना बनाने वाला बताया कि कोई नेता पार्टी छोड़कर कितना नुकसान पहुंचा सकता है।
शकील अहमद राजीव गांधी और सोनिया गांधी के करीबी रहे हैं। वे उनके प्रोटेजी माने जाते थे। बिहार विधानसभा चुनावों के बाद उन्होंने कांग्रेस से इस्तीफा दे दिया। उनका मानना है कि राहुल की यह असुरक्षा पार्टी को कमजोर कर रही है। पुराने नेताओं को दरकिनार कर नए चेहरों को बढ़ावा देने से पार्टी की आंतरिक मजबूती प्रभावित हो रही है।
Updated on:
24 Jan 2026 09:34 pm
Published on:
24 Jan 2026 09:18 pm
बड़ी खबरें
View Allबिहार चुनाव
राष्ट्रीय
ट्रेंडिंग
