Bihar: राष्ट्रीय राजमार्ग-77 पर फकुली ओपी क्षेत्र अंतर्गत पुल पर अज्ञात वाहन से कुचलकर एक अधेड़ पुरुष की मौत हो गई। वहीं, दुर्घटना की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची पुलिस अमानवीय कृत्य किया।
बिहार के मुजफ्फरपुर जिले का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो में दिख रहा है कि हाजीपुर-मुजफ्फरपुर NH- 22 पर दुर्घटना में मृत पड़े व्यक्ति की लाश को उठाकर पुलिसवालों ने नहर में फेंक दिया। इस दौरान किसी ने पुलिसवालों के इस कारनामे का वीडियो बना लिया, जो बाद में वायरल हो गया। वीडियो के वायरल होते ही पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग उठने लगी है। इसे लेकर स्थानीय लोगों ने जमकर हंगामा भी किया।
मृत व्यक्ति की डेड बॉडी को नहर में फेंका
राष्ट्रीय राजमार्ग-77 पर फकुली ओपी क्षेत्र अंतर्गत पुल पर रविवार की सुबह अज्ञात वाहन से कुचलकर एक अधेड़ पुरुष की मौत हो गई। वहीं, दुर्घटना की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची। इस दौरान पुलिस ने अमानवीय कृत्य करते हुए शव को पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भेजने के बजाय नहर में फेंक दिया। मानवता को शर्मसार करने वाला यह दृश्य फकुली ओपी के पुलिसवालों का है, जो मृत व्यक्ति की डेड बॉडी को नहर में फेंक रहे हैं।
राहगीर ने बना लिया वीडियो
दरअसल, शव को पुल से नहर में फेंके जाने की घटना का वीडियो किसी राहगीर ने बना लिया और उसे सोशल मीडिया पर प्रसारित कर दिया। वीडियो फुटेज में तीन पुलिसकर्मी शव को पुल से नीचे नहर में फेंकते दिख रहे हैं। हालांकि, राजस्थान पत्रिका इस प्रसारित वीडियो की पुष्टि नहीं करता है।
स्थानीय लोगों ने किया हंगामा
इधर, दुर्घटना के बाद शव को पुलिस द्वारा नहर में फेंके जाने की जानकारी मिलते ही बड़ी तादाद में ग्रामीण घटनास्थल पहुंच हंगामा करने लगे। हंगामे की सूचना मिलने पर फकुली ओपी पुलिस तुरंत घटनास्थल पर पहुंची और दो सैप जवानों ने नहर में प्रवेश कर उक्त शव को पानी से निकाला।
क्या बोले पुलिस अधिकारी?
हालांकि, फकुली ओपी प्रभारी मोहन कुमार ने दुर्घटना के बाद शव को नहर में फेंके जाने की घटना से साफ इनकार किया। उन्होंने कहा कि अज्ञात वाहन ने अधेड़ पुरुष को कुचल दिया था। मृतक की पहचान अभी नहीं हुई है। उनका कहना था कि शव के सुरक्षित हिस्से को पोस्टमॉर्टम के लिए एसकेएमसीएच भेज दिया गया है, जबकि दुर्घटना के बाद शव का जो हिस्सा रोड से बुरी तरह चिपक गया था, उस हिस्से को नहर में प्रवाहित कर दिया गया है।
सिपाही निलंबित
वहीं, इस पूरी घटना पर वरीय पुलिस अधीक्षक राकेश कुमार ने बाद में बताया कि वायरल वीडियो की जांच कराई गई जिसमें तीन पुलिसकर्मियों को दोषी पाया गया है। इनमें चालक सिपाही को निलंबित कर दिया गया है। वहीं, दो गृहरक्षकों को ड्यूटी से क्लोज कर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जा रही है।