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शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे ने एकनाथ शिंदे को पार्टी के सभी पदों से किया बर्खास्त

सीएम की कुर्सी बचाने में असफल रहने के बाद अब शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे का सारा जोर पार्टी बचाने पर है। ताजा घटनाक्रम के अनुसार महाराष्ट्र के नवनियुक्त मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे को शिवसेना प्रमुख ने पार्टी के सभी पदों से हटा दिया है।

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Aaditya, Uddhav Thackeray and Eknath Shinde

एकनाथ शिंदे के महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेने के एक दिन बाद, शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे ने पार्टी विरोधी गतिविधियों के लिए पार्टी के सभी पदों से बागी विधायक को हटा दिया है।

जारी किया बयान
शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे ने शुक्रवार को भाजपा के समर्थन से महाराष्ट्र के नए मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेने वाले एकनाथ शिंदे को पार्टी के सभी पदों से हटा दिया। शिवसेना ने एक बयान में कहा कि शिंदे को पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल होने के लिए हटा दिया गया है।

बयान में दावा, छोेड़ चुके हैं सदस्यता
बयान में यह भी उल्लेख किया गया है कि शिंदे के खिलाफ कार्रवाई की गई क्योंकि उन्होंने पार्टी की सदस्यता भी छोड़ दी है।

इसक पहले (एमवीए) सरकार महा विकास अघाड़ी के पतन के 24 घंटे बाद गुरुवार को, एकनाथ शिंदे ने महाराष्ट्र के 20 वें मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली, जबकि भाजपा के दिग्गज देवेंद्र फडणवीस ने उपमुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली। फडणवीस ने शाम को एक आश्चर्यजनक कदम में घोषणा की कि शिंदे, जिन्होंने शिवसेना में विद्रोह का नेतृत्व किया, नया मुख्यमंत्री होंगे, जबकि वह खुद नई सरकार से बाहर होंगे। हालांकि बाद में पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व से समझाने पर अपना रुख बदलते हुए वे डिप्टी सीएम बनने के लिए राजी हो गए। राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी ने दक्षिण मुंबई में राजभवन में शिंदे और उनके डिप्टी फडणवीस को पद की शपथ दिलाई।

बाल ठाकरे और आनंद दिघे को किया शपथ में याद

चार बार के विधायक शिंदे ने ठाणे जिले में दिवंगत शिवसेना नेताओं बाल ठाकरे और उनके राजनीतिक गुरु आनंद दिघे को श्रद्धांजलि देकर शपथ ग्रहण की शुरुआत की। इस पर कांग्रेस ने सवाल उठाया है। दरअसल 2019 में एमवीए सरकार की गठन के दौरान इसी तरह से शपथ लेने पर राज्यपाल ने फिर से शपथ लेने को कहा था।

4 जुलाई को बहुमत परीक्षण

नई सरकार को बहुमत साबित करने के लिए महाराष्ट्र विधानसभा का दो दिवसीय विशेष सत्र 2 जुलाई से होगा और 4 जुलाई को बहुमत परीक्षण के लिए कहा गया है।