भारतीय अंतरिक्ष यात्री शुभांशु शुक्ला और उनके क्रू ने आईएसएस से धरती पर वापसी के लिए फ्लाइट में सवार हो गए हैं। केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने एक्सियम-4 मिशन की जानकारी दी है। जल्द ही वे धरती पर सुरक्षित लैंड करेंगे, जिससे भारत का अंतरिक्ष अभियान और मजबूत होगा।
भारतीय अंतरिक्ष यात्री शुभांशु शुक्ला की इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन (आईएसएस) से धरती पर वापसी हो रही है। वह धरती पर आने के लिए अपने क्रू के साथ फ्लाइट में सवार हो चुके हैं। केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने भी एक्सियम-4 मिशन के बारे में ताजा जानकरी दी है। ऐसी संभावना है कि शुभांशु अपने क्रू के साथ 15 जुलाई यानी कि कल दोपहर 3 बजे तक धरती पर लैंड कर सकते हैं।
आईएसएस से धरती पर लौट रहे सभी क्रू मेंबर्स ड्रैगन स्पेसक्राफ्ट के जरिये धीरे-धीरे धरती की तरफ अनडॉक होंगे। स्पेसक्राफ्ट से अलग होते ही कैप्सूल धरती की ओर धीरे धीरे बढ़ेगा।
उधर, नासा ने बताया कि स्पेसएक्स ड्रैगन अंतरिक्ष यान सुबह 7:15 बजे (अमेरिकी समय) पर अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन के हार्मनी मॉड्यूल के अंतरिक्ष-मुखी पोर्ट से अनडॉक हो गया।
आगे बताया गया कि ड्रैगन धीरे-धीरे स्टेशन से दूर एक कक्षीय पथ पर जा रहा है, जो चालक दल और उसके कार्गो को सुरक्षित रूप से पृथ्वी पर वापस लाएगा, यह 15 जुलाई को कैलिफोर्निया के तट पर स्पलैशडाउन करेगा।
एक्स पर अपने लाइव सत्र में एक्सिओम स्पेस ने बताया कि एक्सिओम-4 मिशन में 60 से अधिक वैज्ञानिक अध्ययन और 20 से अधिक आउटरीच कार्यक्रम हुए। एक्स पर एक पोस्ट में यह भी बताया गया कि अंतरिक्ष यान अब अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन से दूर जाने के लिए कई प्रस्थान बर्न करेगा।
आईएसएस जाने वाले पहले भारतीय अंतरिक्ष यात्री ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला अंतरिक्ष यान का संचालन करेंगे। हैच बंद होने के साथ ही चालक दल के लिए प्रस्थान कार्य शुरू हो गया है और सभी चालक दल अंतरिक्ष यान में प्रवेश कर चुके हैं।
प्रस्थान से पहले, एक विदाई समारोह के दौरान, आईएसएस कमांडर ताकुया ओनिशी ने चालक दल के योगदान के लिए आभार और प्रशंसा व्यक्त की। इसके साथ आईएसएस पर सहयोगात्मक भावना को दर्शाया। बता दें कि शुभांशु 18 दिन तक आईएसएस में रहने के बाद धरती पर लौट रहे हैं।