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Delhi Election: 10% झुग्गी-झोपड़ी वाले ही तय करेंगे किसकी सरकार, जानें कैसे केजरीवाल का समीकरण बिगाड़ने में लगी बीजेपी?

Delhi Election 2025: दिल्ली के विभिन्न क्षेत्रों में झुग्गियों में रहने वाले लोग मुख्य रूप से यूपी, बिहार, मध्य प्रदेश और राजस्थान से आए प्रवासी हैं, जो कुल मतदाताओं का लगभग 10% हैं।

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Delhi Election 2025: दिल्ली विधानसभा चुनाव में झुग्गी-झोपड़ियों के मतदाताओं को आकर्षित करने के लिए प्रमुख पार्टियों के बीच प्रतिस्पर्धा देखी गई। इन झुग्गी बस्तियों में रहने वाले करीब 3 लाख परिवार, जो कुल मतदाताओं का लगभग 10% हैं, चुनाव परिणामों पर महत्वपूर्ण प्रभाव डाल सकते हैं। दिल्ली के विभिन्न क्षेत्रों में झुग्गियों में रहने वाले लोग मुख्य रूप से यूपी, बिहार, मध्य प्रदेश और राजस्थान से आए प्रवासी हैं, और इनकी अधिकतर संख्या AAP (आप) की कल्याणकारी योजनाओं से जुड़ी हुई है। हालांकि, भाजपा भी इन मतदाताओं को अपने पक्ष में करने के लिए गंभीर प्रयास किए हैं।

केजरीवाल ने अमीत शाह को दिया खुला चैलेंज

आम आदमी पार्टी ने झुग्गीवासियों को अपनी ओर आकर्षित करने के लिए अपनी कल्याणकारी योजनाओं को मुख्य रूप से प्रचारित किया है। चुनाव प्रचार के दौरान मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा था कि यदि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह झुग्गीवासियों के लिए घर देने और उनके खिलाफ केस वापस लेने का वादा करते हैं, तो वह चुनाव नहीं लड़ेंगे।

भाजपा का रणनीति "जहां झुग्गी, वहां मकान"

वहीं भाजपा भी झुग्गीवासियों को अपनी तरफ आकर्षित करने के लिए काफी कोशिशें की। प्रधानमंत्री मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने झुग्गीवासियों के लिए अपने कई योजनाओं का प्रचार किया है, जैसे "जहां झुग्गी, वहां मकान" अभियान, जिसके तहत झुग्गीवासियों के लिए नए घरों का उद्घाटन किया गया था। भाजपा की योजना झुग्गीवासियों में अपनी स्थिति मजबूत करने की रही, खासकर उन क्षेत्रों में जहां परंपरागत रूप से उसका समर्थन नहीं था।

चुनावी महत्त्व

झुग्गी-झोपड़ियों में रहने वाले लोग न केवल दिल्ली की राजनीतिक तस्वीर को बदलने में अहम भूमिका निभा सकते हैं, बल्कि उनके वोटों की गिनती और उनकी समस्याओं के समाधान के लिए किए गए प्रयास आगामी चुनावों के परिणामों को प्रभावित करने में महत्वपूर्ण साबित हो सकते हैं।