26 जनवरी 2026,

सोमवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

3 इडियट्स के असली ‘रैंचो’ सोनम वांगचुक ने खत्म की 21 दिन की भूख हड़ताल, कहा- जंग जारी रहेगी

Sonam Wangchuk: 21 दिनों तक नमक और पानी पर जीवित रहने के बाद, प्रसिद्ध जलवायु कार्यकर्ता और शिक्षा सुधारक सोनम वांगचुक ने अपनी भूख हड़ताल खत्म कर दी है।

less than 1 minute read
Google source verification
rancho.jpg

Sonam Wangchuk: 21 दिनों तक नमक और पानी पर जीवित रहने के बाद, प्रसिद्ध जलवायु कार्यकर्ता और शिक्षा सुधारक सोनम वांगचुक ने लद्दाख को राज्य का दर्जा और नाजुक हिमालयी पारिस्थितिकी की सुरक्षा को लेकर दबाव बनाने के लिए अपनी भूख हड़ताल समाप्त कर दी है, लेकिन जोर देकर कहा कि उनकी लड़ाई जारी रहेगी।

वांगचुक ने भूख हड़ताल खत्म करते हुए कहा, "मैं लद्दाख के लिए संवैधानिक सुरक्षा उपायों और लोगों के राजनीतिक अधिकारों के लिए लड़ना जारी रखूंगा।" अनशन समाप्त होने के बाद केंद्र शासित प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में हजारों लोग एकत्र हुए और महिलाओं ने कहा है कि वे अब उन्हीं मांगों को लेकर भूख हड़ताल शुरू करेंगी।

आंदोलन को मिल रहा समर्थन

कार्यकर्ता 6 मार्च से लद्दाख के ठंडे रेगिस्तान में भूख हड़ताल पर हैं। अब विरोध बड़ा होता जा रहा है- शनिवार को कारगिल डेमोक्रेटिक अलायंस (KDA) भी भूख हड़ताल में शामिल हुआ. फरवरी के मध्य में, लेह एपेक्स बॉडी (एलएबी) और केडीए के आह्वान के बाद केंद्र शासित प्रदेश के दो जिलों लेह और कारगिल में बंद देखा गया, दो प्रभावशाली सामाजिक-राजनीतिक समूह तीन साल से आंदोलन का नेतृत्व कर रहे थे।