खालिस्तान समर्थक अमृतपाल पुलिस से बचने के लिए लगातार अपना लोकेशन बदल रहा है। अमृतपाल को लेकर श्री अकाल तख्त साहिब अमृतसर में एक महत्वपूर्ण बैठक रखी गई है। इस बैठक में अलग-अलग सिख संगठनों, टकसालों, संप्रदायों, सिंह सभाओं के प्रतिनिधियों को बुलाया गया है।
वारिस पंजाब दे के प्रमुख अमृतपाल सिंह को फरार हुए एक सप्ताह से भी ज्यादा का समय हो गया है। खालिस्तान समर्थक अमृतपाल को पकड़ने के लिए पंजाब पुलिस और अन्य एजेंसियां अलग-अलग राज्यों की खाक छान रही है। इतना समय बीत जाने के बाद भी उसका कोई सुराग नहीं लगा है। पंजाब पुलिस की क्षमता पर भी सवाल उठाया जा रहा है कि इतनी बड़ा बल होने के बावजूद वे अमृतपाल को क्यों नहीं पकड़ पाए हैं। इसी कड़ी में अमृतपाल को लेकर चल रहीं गतिविधियों को लेकर आज श्री अकाल तख्त साहिब अमृतसर में एक महत्वपूर्ण बैठक रखी गई है। माना जा रहा है कि इस मीटिंग में बड़ा फैसला लिया जा सकता है।
60 से 70 सिख संगठन और निहंग जत्थेबंदियों होंगे शामिल
अमृतसर में होने जा रही श्री अकाल तख्त की बैठक में अलग-अलग सिख संगठनो, टकसालों, संप्रदायों, सिंह सभाओं के प्रतिनिधियों को बुलाया गया है। इस बैठक की अध्यक्षता श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ज्ञानी हरप्रीत सिंह करेंगे। बताया जा रहा है कि इसमें 60 से 70 सिख संगठन और निहंग जत्थेबंदियों को शामिल होने के लिए संदेश भेजा गया है।
कोई राजनीतिक दल नहीं होगा शामिल
श्री अकाल तख्त साहिब की इस बैठक में किसी भी राजनीतिक दल के प्रतिनिधि शामिल नहीं होंगे। जिन संगठनों के प्रतिनिधि इस बैठक में नहीं पहुंच सकते वो अपना लिखित सुझाव श्री अकाल तख्त साहिब की ईमेल पर भेज सकते हैं। इसके बाद जत्थेदार कोई अहम फैसला ले सकते हैं।
गनमैन को शरण देने के मामले में बलवंत सिंह गिरफ्तार
पंजाब पुलिस ने कल भगोड़े अमृतपाल सिंह के गनमैन तेजिंदर सिंह उर्फ गोरखा बाबा को शरण देने के मामले में बलवंत सिंह को खन्ना से गिरफ्तार किया है। बलवंत सिंह गांव कुल्ही का रहने वाला है। अभी तक बलवंत सिंह का अमृतपाल के साथ कोई कनेक्शन सामने नहीं आया है। पुलिस इस मामले में उसे पूछताछ कर रही है।
दिल्ली-उत्तराखंड के बाद अब नेपाल में तलाशी
सुरक्षा एजेंसियों को आशंका है कि खालिस्तान समर्थक अमृतपाल उत्तर प्रदेश के रास्ते नेपाल भाग सकता है। यही वजह है कि पंजाब, हरियाणा, दिल्ली और उत्तराखंड के बाद अब नेपाल में उसकी तलाश की जा रही है। पंजाब सरकार ने अमृतपाल और उसके कुछ सहयोगियों के खिलाफ सख्त राष्ट्रीय सुरक्षा कानून लगाया है।