8 फ़रवरी 2026,

रविवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

Market Crash Close Highlights: अमरीकी झटके से शेयर बाजार हुआ धड़ाम, निवेशकों के 5 लाख करोड़ रुपए डूबे

Market Crash Close Highlights : बजाज फाइनेंस, एशियन पेंट्स, जेएसडब्ल्यू स्टील और एचयूएल टॉप गेनर्स थे। बाजार में सभी इंडेक्स लाल निशान में बंद हुए। ऑटो, पीएसयू बैंक, फिन सर्विस, मीडिया, एनर्जी, प्राइवेट बैंक, इंफ्रा, रियल्टी और एफएमसीजी इंडेक्स में सबसे ज्यादा गिरावट देखने को मिली

less than 1 minute read
Google source verification

Market Crash Close Highlights: भारतीय शेयर बाजार में शुक्रवार को बड़ी गिरावट हुई। अमरीका में शुक्रवार रात आने वाली यूएस जॉब रिपोर्ट को माना जा रहा है। इस डेटा को ब्याज दर कटौती के लिए अहम आधार माना जाता है। कारोबार के अंत में सेंसेक्स 1,017 अंक या 1.24 प्रतिशत गिरकर 81,183 और निफ्टी 292 अंक या 1.17 प्रतिशत गिरकर 24,852 पर था। भारी गिरावट के कारण बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) पर सूचीबद्ध सभी कंपनियों का मार्केट कैप 5.3 लाख करोड़ रुपये कम होकर 460.04 लाख करोड़ रुपये रह गया है, जो कि गुरुवार को 465 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा का था।

सेंसेक्स पैक में एसबीआई, आईसीआईसीआई बैंक, एनटीपीसी, एचसीएल टेक, रिलायंस, टाटा मोटर्स, आईटीसी, एक्सिस बैंक, इंफोसिस, एलएंडटी, एमएंडएम, मारुति सुजुकी, अल्ट्राटेक सीमेंट और विप्रो टॉप लूजर्स थे। बजाज फाइनेंस, एशियन पेंट्स, जेएसडब्ल्यू स्टील और एचयूएल टॉप गेनर्स थे। बाजार में सभी इंडेक्स लाल निशान में बंद हुए। ऑटो, पीएसयू बैंक, फिन सर्विस, मीडिया, एनर्जी, प्राइवेट बैंक, इंफ्रा, रियल्टी और एफएमसीजी इंडेक्स में सबसे ज्यादा गिरावट देखने को मिली। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 946 अंक या 1.59 प्रतिशत गिरकर 58,501 और निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 244 अंक या 1.25 प्रतिशत फिसलकर 19,275 पर बंद हुआ। बाजार में उतार-चढ़ाव दर्शाने वाले इंडिया विक्स 7 प्रतिशत बढ़कर 15.21 पर बंद हुआ।

स्वास्तिक इन्वेस्टमार्ट के रिसर्च प्रमुख संतोष मीना ने कहा कि उच्च स्तरों से बाजार में गिरावट देखने को मिली है। इसकी बड़ी वजह अमेरिका में शुक्रवार की रात आने वाले यूएस जॉब डेटा है। अगर यह कमजोर आता है तो विश्व की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था में मंदी की संभावनाएं बढ़ जाएगी। वहीं, एमएससीआई इमर्जिंग मार्केट में भारत का वेटेज चीन से अधिक हो गया है। इससे भारतीय बाजार का वैल्यूएशन अधिक होने के कारण अलोकेशन वेटेज कम होने का खतरा बढ़ गया है।