17 जनवरी 2026,

शनिवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

फीस नहीं कराई जमा तो परीक्षा में बैठने से रोका, छात्रा ने दी जान

छात्रा को शारीरिक और मानसिक रूप से परेशान किया गया।

less than 1 minute read
Google source verification

गुजरात के सूरत शहर में कक्षा 8 की एक छात्रा ने घर में फांंसी लगाकर आत्महत्या कर ली। बच्ची के परिजनों ने आरोप लगाया कि फीस बकाया होने के कारण स्कूल प्रशासन ने परीक्षा में नहीं बैठने दिया था। उसे दो दिन तक शारीरिक और मानसिक रूप से परेशान किया गया। स्कूल में उसे बाथरूम के पास खड़ा रखा गया। इससे परेशान होकर उसने यह कदम उठाया।

सूरत के गोडादरा क्षेत्र में रहने वाले राजूभाई खटीक की बेटी भावना (14) आदर्श पब्लिक स्कूल में पढ़ती थी। राजभाई ने बताया कि उसे फीस बकाया होने के कारण मकर संक्रांति से पहले परीक्षा में नहीं बैठने दिया गया। वह घर आकर रोने लगी। मैंने स्कूल में फोन कर अगले महीने फीस भरने को कहा था। इसके बाद भी उसे परेशान किया जाता था। बताया जाता है कि सोमवार को परिवार के सभी सदस्य रिश्तेदार के घर गए हुए थे। इसी दौरान भावना ने पंखे से लटककर आत्महत्या कर ली। परिजन लौटे तो पंखे से उतारकर अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों से उसे मृत घोषित कर दिया।

लापता थी : प्रिंसिपल

इस मामले में स्कूल प्रिंसिपल ने कहा कि हम कभी बच्चों से फीस नहीं मांगते। हम अभिभावकों को फीस के बारे में सूचित करते हैं। जो आरोप लगाए गए हैं, झूठे हैं। छात्रा लापता थी। राज्य के शिक्षा मंत्री प्रफुल्ल पनसेरिया ने अभिभावकों के आरोपों की जांच का आश्वासन दिया है।