
Supreme Court: सुप्रीम कोर्ट ने इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया (ICAI) के उस नियम को सही ठहराया है। इसमें चार्टर्ड अकाउंटेंट (CA) को सालाना तौर पर ऑडिट की संख्या तय कर दी गई थी। जस्टिस बीवी नागरत्ना और जस्टिस ए जॉर्ज मसीह की बेंच ने शुक्रवार को सुनाए फैसले में कहा कि अगस्त,2008 में इस संबंध में जारी दिशा-निर्देश संविधान के अनुच्छेद 19(1)(g) के तहत मिले पेशे की स्वतंत्रता के मौलिक अधिकार का उल्लंघन नहीं है।
कोर्ट ने इस नियम को एक अप्रेल 2024 से प्रभावी माना और नियम को लेकर कानूनी अनिश्चितता के कारण याचिकाकर्ताओं के खिलाफ शुरू की गई अनुशासनात्मक कार्यवाही को रद्द कर दिया। कोर्ट ने यह भी कहा कि आइसीएआइ एक सीए द्वारा किए जाने वाले ऑडिट की संख्या बढ़ाने के लिए स्वतंत्र होगा। फिलहाल यह सालाना 60 ऑडिट तय है।
आइसीएआइ के इन दिशा निर्देशों में तय सीमा से अधिक ऑडिट करने को पेशेवराना कदाचार माना था। इस नियम का काफी विरोध हुआ और विभिन्न हाईकोर्टों में इसे चुनौती दी गई और विरोधाभासी आदेश भी आए। इस पर 2020 में सुप्रीम कोर्ट ने इन मामलों को अपने पास मंगा कर यह फैसला दिया है।
Published on:
18 May 2024 11:20 am
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