
Supreme Court Of India
Supreme Court: सुप्रीम कोर्ट ने पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट के उस आदेश को उचित ठहराया है जिसमें पंजाब के मेडिकल कॉलेजों में एनआरआई कोटे (NRI Quota Admission) से प्रवेश के लिए शर्तों में संशोधन को रद्द कर दिया गया था। हाईकोर्ट (Haryana High Court) के आदेश को चुनौती देने वाली तीन याचिकाओं को खारिज करते हुए SC ने प्रासंगिक संशोधनों को धोखाधड़ी करार दिया।
चीफ जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ (CJI Chandrachud), जस्टिस जेबी पारदीवाला और जस्टिस मनोज मिश्रा की बेंच ने कहा कि हमें अब एनआरआई कोटा का यह कारोबार बंद कर देना चाहिए। यह पूरी तरह से धोखाधड़ी है और हम अपनी शिक्षा प्रणाली के साथ यही कर रहे हैं। पंजाब सरकार ने 20 अगस्त की अधिसूचना में NRI अभ्यर्थी की परिभाषा का दायरा बढ़ाते हुए एनआरआई के रिश्तेदारों को भी इसमें शामिल कर लिया था। शीर्ष अदालत ने कहा कि संतान के अलावा NRI के निकटतम रिश्तेदार को कैसे शामिल किया जा सकता है, यह सरकार की सिर्फ पैसा कमाने की रणनीति है।
आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट के जस्टिस नरेन्द्र उत्तराखंड हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस होंगे। सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने मूलत: कर्नाटक हाईकोर्ट के जस्टिस नरेंद्र को उत्तराखंड हाईकोर्ट की मौजूदा सीजे रितु बाहरी के 10 अक्टूबर को रिटायर होने पर सीजे नियुक्त करने की सिफारिश की है।
Updated on:
25 Sep 2024, 10:49 AM IST
Published on:
25 Sep 2024, 10:38 AM IST
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