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B.Ed vs BSTC विवाद पर सुप्रीम कोर्ट ने सुनाया फैसला, बिहार शिक्षक भर्ती पर क्या होगा असर?

B.Ed vs BSTC: सुप्रीम कोर्ट ने B.Ed vs BSTC विवाद पर दिए अपने फैसले में प्राइमरी स्कूल में टीचर बनने के लिए केवल BSTC को पात्र मानते हुए बीएड कर चुके उम्मीदवारों को अपात्र माना है।

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 Supreme Court gave its verdict on Bed vs BTC dispute

लंबे समय से चले आ रहे B.Ed vs BSTC विवाद पर सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार ऐतिहासिक फैसला सुनाया। उच्चतम न्यायालय ने BSTC करने वाले उम्मीदवारों को बड़ी राहत दी। कोर्ट के फैसले के मुताबिक अब बीएड करने वाले छात्र अब प्राइमरी स्कूल में टीचर के लिए अपात्र घोषित कर दिए गए है। कोर्ट का यह फैसला राजस्थान में लंबे से समय चल रहा बीएसटीसी बनाम बीएड पर आया है।

कोर्ट का फैसला भले ही राजस्थान के एक मामले में आया है लेकिन इसका असर पूरे देश पर पड़ सकता है और इसका सबसे पहले बिहार में चल रही 1.70 लाख शिक्षकों की भर्ती पर असर पड़ना तय माना जा रहा है ।

प्राइमरी स्कूल में टीचर बनने के लिए BSTC जरूरी

सुप्रीम कोर्ट ने B.Ed vs BSTC विवाद पर दिए अपने फैसले में प्राइमरी स्कूल में टीचर बनने के लिए केवल BSTC को पात्र मानते हुए बीएड कर चुके उम्मीदवारों को अपात्र माना है। इसके साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार के 30 मई 2018 के नोटिफिकेशन को रद्द कर दिया है और राज्य सरकार की पॉलिसी पर मुहर लगाई है।

राजस्थान सरकार की तरफ से वरिष्ठ वकील मनीष सिंघवी ने कोर्ट में पक्ष रखा था। सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस अनिरुद्ध बोस और जस्टिस सुधांशु धूलिया की बेंच ने यह आदेश दिया है।

24 से 26 अगस्त तक होनी है परीक्षा

बता दें कि फिलहाल आयोग ने इस मामले में कोई नोटिफिकेशन जारी नहीं किया है। बिहार शिक्षक भर्ती परीक्षा 24 से 26 अगस्त 2023 तक आयोजित की जाएगी। परीक्षा तारीख से संबंधित नोटिफिकेशन जारी कर दिया है, बीएड धारक आवेदकों को सलाह दी जाती है कि ताजा जानकारी के लिए बीपीएससी की आधिकारिक वेबसाइट पर नजर बनाए रखें।

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