
सुप्रीम कोर्ट ने बिहार के उपमुख्यमंत्री तेजस्वी प्रसाद यादव के खिलाफ गुजरात की एक अदालत में दायर आपराधिक मानहानि मामले की सुनवाई पर सोमवार को रोक लगा दी। न्यायमूर्ति अभय एस ओका और न्यायमूर्ति पंकज मिथल की पीठ ने उपमुख्यमंत्री के मामले को गुजरात से बाहर स्थानांतरित करने की गुहार पर शिकायतकर्ता हरेश मेहता से जबाब तलब किया। बता दें कि याचिकाकर्ता ने किसी ‘अपक्षपाती’ स्थान पर मामले को स्थानांतरित करने के लिए कोर्ट से गुहार लगाई थी।
गुजरातियों को बताया था धोखेबाज
बता दें कि तेजस्वी यादव पर आरोप है कि उन्होंने इस साल मार्च में कथित तौर पर कहा था कि ‘केवल गुजराती ही धोखेबाज हो सकते हैं।’ इस संबंध में ऑल इंडिया एंटी करप्शन एंड क्राइम प्रिवेंटिव काउंसिल नामक संगठन के उपाध्यक्ष हरेश मेहता ने शिकायत दायर की थी। उन्होंने मजिस्ट्रेट से यादव को अदालत के समक्ष समन करने का आग्रह करते हुए कहा था कि उपमुख्यमंत्री यादव की टिप्पणी से गुजरातियों को ‘मानसिक और शारीरिक क्षति’ हुई है।
जनवरी में होगी सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई
बिहार के उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने अपने वकील अजय विक्रम सिंह के माध्यम से मामले को स्थानांतरित करने की मांग की। शीर्ष अदालत का दरवाजा खटखटाने के बाद कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई जनवरी में तय की। बता दें कि कथित आपराधिक मानहानि के लिए यादव के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 499 और 500 के तहत गुजरात की एक अदालत में शिकायत दर्ज की गई थी।
Published on:
06 Nov 2023 09:36 pm
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