
अहमदाबाद में एयर इंडिया विमान हादसा। (फोटो- ANI)
अहमदाबाद में एयर इंडिया विमान हादसे की जांच के लिए एक न्यायिक समिति का गठन करने की मांग की गई है। इसको लेकर बोइंग 787 ड्रीमलाइनर के पायलट-इन-कमांड सुमीत सभरवाल के पिता पुष्करराज सभरवाल ने सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दायर की थी।
उनके अलावा, फेडरेशन ऑफ इंडियन पायलट्स (एफआईपी) ने भी इसी मांग के साथ एक याचिका दायर की है। जिसपर सुनवाई करते हुए शीर्ष अदालत ने केंद्र को नोटिस जारी किया है।
विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो (एएआईबी) ने जुलाई में जांच की प्रारंभिक रिपोर्ट जारी की थी। जिसमें कहा गया था कि उड़ान भरने के तुरंत बाद दोनों इंजनों की फ्यूल स्विच को बंद कर दिया गया था। जिसे नकारते हुए पायलट के पिता और पायलट फेडरेशन ने शीर्ष अदालत का दरवाजा खटखटाया।
याचिका पर सुनवाई करते हुए न्यायमूर्ति सूर्यकांत ने दिवंगत पायलट के 91 वर्षीय पिता से कहा- यह दुर्घटना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण थी, लेकिन आपको इस बात को लेकर बोझ नहीं उठाना चाहिए कि आपके बेटे को दोषी ठहराया जा रहा है। देश में कोई भी यह नहीं मानता कि अहमदाबाद विमान दुर्घटना पायलट की गलती से हुई थी
बता दें कि 12 जून को एयर इंडिया की फ्लाइट AI-171 अहमदाबाद से लंदन के लिए उड़ान भरने के तुरंत बाद क्रैश हो गई थी। इस हादसे में विमान में सवार 241 लोगों की मौत हो गई थी, जिनमें 2 पायलट और 10 केबिन क्रू शामिल थे।
विमान का मलबा एक मेडिकल कॉलेज की इमारत पर गिरा, जिससे वहां भी नुकसान हुआ। एएआईबी की प्रारंभिक रिपोर्ट में कहा गया था कि विमान के उड़ान भरने के ठीक 10 सेकंड बाद दोनों इंजनों के फ्यूल कंट्रोल स्विचेस 'RUN' पोजीशन से 'CUTOFF' पोजीशन में चले गए। इससे इंजनों को फ्यूल सप्लाई बंद हो गई, जिसके कारण थ्रस्ट (शक्ति) पूरी तरह खत्म हो गई।
कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर में सुना गया कि टेकऑफ के तुरंत बाद एक पायलट ने पूछा- क्या तुमने फ्यूल कटऑफ कर दिया? दूसरे पायलट ने जवाब दिया, नहीं, मैंने नहीं किया।
प्रारंभिक जांच में विमान (बोइंग 787-8) या इंजनों में कोई मैकेनिकल या मेंटेनेंस संबंधी खराबी नहीं पाई गई। हालांकि, इसपर जांच अभी भी चल रही है।
Updated on:
07 Nov 2025 02:09 pm
Published on:
07 Nov 2025 12:18 pm
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