
सुप्रीम कोर्ट में तलाक-ए-हसन का मामला ( फोटो - आईएएनएस )
Talaq-e-Hasan: मुसलमानों में प्रचलित तलाक ए हसन, तलाक ए अहसन, तलाक ए किनाया और तलाक ए बाईन को लेकर सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने मानवाधिकार आयोग, राष्ट्रीय महिला आयोग और बाल अधिकार आयोग से जवाब मांगा है। साथ ही, इस मामले में धार्मिक व्यवस्थाओं को लेकर धार्मिक सामग्री भी कोर्ट में रखने के निर्देश दिए हैं। दरअसल, सुप्रीम कोर्ट द्वारा ट्रिपल तलाक को असंवैधानिक करार दिए जाने के बाद ये प्रथाएं समाज में अब भी जारी है।
दरअसल, याचिकाकर्ता बेनजीर हीना ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर एकतफरा तलाक का विरोध किया है। हीना ने कोर्ट में दावा किया कि उनके पति ने उन्हें 19 अप्रैल को स्पीड पोस्ट के माध्यम से तलाक का पहला नोटिस दिया, तलाक का दूसरा और तीसरा नोटिस महीनों बाद प्राप्त हुआ।
हीना ने कोर्ट से कहा कि यह प्रथा भेदभावपूर्ण भरा है। इसका प्रयोग केवल पुरुष कर सकते हैं। हीना ने सुप्रीम कोर्ट से इस प्रथा को असंवैधानिक घोषित करने की मांग की है। हीना के वकील ने कहा कि यह प्रथा संविधान के अनुच्छेद 14, 15, 21 और 25 का उल्लंघन करता है। साथ ही, यह इस्लामी आस्था में एक अनिवार्य अभ्यास नहीं है।
वहीं, क्रिकेटर मोहम्मद शमी और उनकी पत्नी हसीन जहां के तलाक के मामले में सुनवाई करते हुए अगस्त 2022 में न्यायमूर्ति संजय किशन कौल और न्यायमूर्ति एम.एम. सुंदरेश की पीठ ने प्रथम दृष्टया यह टिप्पणी की थी कि तलाक-ए-हसन "इतना अनुचित नहीं है"। उन्होंने कहा था कि महिलाओं के पास खुला के माध्यम से तलाक लेने का विकल्प मौजूद है।
मुसलमानों में प्रचलित तलाक-ए-हसन एक ऐसी प्रथा है, जिसमें तीन महीने तक हर महीने एक बार तलाक कहा जाता है और इस तरह तीन तलाक की प्रक्रिया पूरी हो जाती है। इस्लामिक स्कॉलर्स के अनुसार, पहली बार तलाक बोलने के बाद पति-पत्नी को एक बिस्तर पर नहीं सोना चाहिए। महिला को तीन महीने तक महावारी आनी चाहिए। इस दौरान समाज और परिजनों को पति-पत्नी के बीच समझौता करना चाहिए। दूसरी बार तलाक के वक्त गवाह की मौजूदगी होनी चाहिए। फिर भी मसले का हल न हो तो तीसरी महावारी के बाद तलाक हो जाता है। इसमें पत्नी की भी सहमति जरूरी है। इससे पहले, सुप्रीम कोर्ट ने तीन तलाक या तलाक-ए-बिदअत या एक बार में तीन बार तलाक कहने को असंवैधानिक करार दिया था। सुप्रीम कोर्ट इस मामले की सुनवाई नवंबर के तीसरे सप्ताह 19 तारीख को होगी।
Updated on:
12 Aug 2025 10:32 am
Published on:
12 Aug 2025 10:31 am
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