
Maneka Gandhi
Supreme court: सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को बीजेपी नेता मेनका गांधी की याचिका पर सुल्तानपुर से सपा सांसद राम भुआल निषाद को नोटिस जारी किया है। सुप्रीम कोर्ट ने सपा सांसद से चार हफ्तों में जवाब मांगा है। बीजेपी नेता ने राम भुआल निषाद के निर्वाचन को चुनौती देने के लिए एक याचिका दायर की थी। मेनका गांधी ने आरोप लगाया कि सपा नेता राम भुआल निषाद ने नामांकन के समय दाखिल हलफनामे में अपने खिलाफ दर्ज 12 केसों की जानकारी नहीं दी थी। साथ ही SC ने मेनका गांधी की उस याचिका पर विचार करने से इनकार कर दिया जिसमें कानून के तहत चुनाव याचिका दायर करने के लिए 45 दिन की समय सीमा तय गई गई है।
बीजेपी नेता मेनका गांधी ने याचिका दायर कहा था कि सपा नेता राम भुआल निषाद के खिलाफ कुल 12 मामले लंबित हैं। लेकिन नामांकन के दौरान हलफनामे में 8 मामलों का ही जिक्र किया था। इसके अलावा याचिका में कहा गया कि नामांकन के समय हलफनामे में अपराधिक मामलों का खुलासा नहीं करना या इसे छिपाना भ्रष्ट आचरण में शामिल है। सुप्रीम कोर्ट ने इस पर नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।
सुप्रीम कोर्ट ने मेनका गांधी की दूसरी याचिका पर सुनवाई करने से इनकार कर दिया। इस याचिका में बीजेपी नेता मेनका गांधी ने जनप्रतिनिधित्व कानून के उस प्रावधान को चुनौती दी थी जिसमें इलेक्शन पिटीशन दाखिल करने की समयसीमा का भी उल्लेख किया गया। बता दें कि जनप्रतिनिधित्व अधिनियम की धारा 81 में निर्वाचित उम्मीदवार के निर्वाचन की तारीख से 45 दिनों की अवधि निर्धारित की गई है, जिसके भीतर चुनाव याचिका दायर की जा सकती है। इस याचिका पर सुनवाई करने से इनकार करते हुए पीठ ने कहा कि हम इस याचिका पर विचार करने के इच्छुक नहीं है क्योंकि आप चाहते है कि हम कानून बनाएं जो हम नहीं कर सकते। कोलकाता डॉक्टर केस को लेकर वकील पर सीजेआई भड़क गए थे, देखें वीडियो...
लोकसभा चुनाव 2024 में सपा नेता रामभुआल निषाद ने बीजेपी प्रत्याशी मेनका गांधी को 43,174 वोटों से हराया था। सपा प्रत्याशी राम भुआल निषाद को 444330 वोट मिले थे वहीं मेनका गांधी को 401156 वोट मिले थे। तीसरे नंबर पर बसपा प्रत्याशी को 163025 वोट मिले थे।
Published on:
07 Jan 2025 08:37 pm
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