30 जनवरी 2026,

शुक्रवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

सुप्रीम कोर्ट ने कोरोना से मौत पर मुआवजे की तय की समय सीमा, फर्जी क्लेम करने वालों को मिलेगी सजा

सुप्रीम कोर्ट ने कोरोना से मौत पर मिलने वाले मुआवजे की समय सीमा तय कर दी है। यह जानकारी केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने सोमवार को दी है। इसके साथ ही अगर कोई कोरोना मौत को लेकर फर्जी क्लेम करता है तो उसका सजा भी मिलेगी।

less than 1 minute read
Google source verification

image

Abhishek Kumar Tripathi

Apr 11, 2022

supreme-court-sets-time-limit-for-compensation-on-death-from-corona.jpg

सुप्रीम कोर्ट ने कोरोना मौत पर मिलने वाले मुआवजे की समय सीमा तय कर दी है। इस मुआवजे की घोषणा राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन अधिकरण के तहत की गई है। इसमें 20 मार्च के पहले हुई मौत पर 60 दिन के अंदर दावा कर सकते हैं। वहीं भविष्य में होने वाली मौत पर दावा करने के लिए 90 दिन का समय दिया गया है। इसके साथ ही फर्जी दावे करने वालों को सजा भी दी जाएगी।

इसके साथ ही कोर्ट में केंद्र सरकार ने बताया है कि, अगर कोई किसी परेशानी के कारण तय समय में दावा नहीं कर पाता है तो वह शिकायत निवारण समिति से संपर्क कर दावा प्रस्तुत कर सकता है। समित उस दावे पर विचार करके अपना निर्णय देगी।


फर्जी क्लेम करने वालों को मिलेगी सजा

कोर्ट ने कोरोना से मौत पर फर्जी क्लेम करने वालों के लिए चिंता व्यक्त की है। कोर्ट ने कहा कि कभी सोचा नहीं था कि नैतिकता का स्तर इतना गिर जाएगा और इसका दुरुपयोग होगा। प्राप्त दावों में से 5% दावों की जांच की जाएगी। अगर कोई दावा फर्जी मिलता है तो उसपर डीएम अधिनियम 2005 की धारा 52 के तहत कार्यवाही किया जाएगा।


राज्य सरकारों को सुप्रीम कोर्ट ने लगाई फटकार
कोरोना से मौत पर मिलने वाले मुआवजे का वितरण नहीं करने पर सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकारों को फटकार लगाई है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि राज्य सरकार केवल इस आधार पर दावा राशि देने से इंकार नहीं कर सकती कि मृत्यु प्रमाण पत्र में कोरोना वायरस को मौत का कारण नहीं बताया गया है।

Story Loader