
Surat Family Court disposed of 303 cases in one day, Judge RG Devdhara said – this is a one day record
अक्सर आपने कोर्ट को लेकर ऐसी खबरे पढ़ी होंगी कि जिसमें कहा जाता है कि कोर्ट में करोड़ो केस पेंडिंग हैं, लेकिन गुजरात के सूरत में एक फैमिली कोर्ट से अलग तरह का मामला सामने आया है। फैमिली कोर्ट के जज आरजी देवधारा के अनुसार कोर्ट में एक दिन में तलाक, भरण-पोषण, बच्चों के संरक्षण सहित अन्य मामलों से जुड़े 303 केस को एक दिन में सुलझा लिया गया है। यह एक दिन में मामला सुलझाने का रिकार्ड है, जिसमें लगभग 30% मामलों का समाधान हो गया है, जिसमें कई अलग-अलग जोड़ो (कपल) को एक साथ रह कर अपने आप को दूसरा मौका देने का फैसला सुनाया गया है।
मीडिया से बात करते हुए एडवोकेट प्रीति जोशी ने कहा कि कोरोना का अभिशाप कई जोड़ो के लिए आशीर्वाद बन गया है। उन्होंने कहा कि कोरोना के दौरान जब लोग घर पर रहते थे, अक्सर काम न होने के कारण वह अलग हुए साथी और बच्चों को याद करते थे। ऐसे में वह खुद ही एक समझौते की ओर आ गए।
समाज के लिए अच्छा
एडवोकेट प्रीति जोशी ने बताया कि कोरोना के बाद हम बड़ी संख्या में वैवाहिक कलह के मामलों का निपटारा होते देख रहे हैं। हमने पहली बार इतनी बड़ी संख्या में पुनर्मिलन के मामलों को देखा है, बड़े पैमाने पर समाज के लिए अच्छा है।
कोरोना ने कपल की बदली जिंदगी
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार एक कपल 2018 में अलग हुए, जिसमें महिला ने 2019 में अपने पति के खिलाफ भरण-पोषण का मुकदमा दायर किया। इसके बाद जब कोरोना आया तो कपल के लिए कई चीजें बदल गई। आदमी ने बताया कि मैं कोरोना महामारी के दौरान अक्सर पत्नी और बेटे से मिलने जाता था। वहीं जब मेरी पत्नी और बेटा बीमार हुए तो मैने उनके लिए दवाएं भी लीं। मैंने अपने ससुराल वालों की बहुत मदद की और उन लोगों ने भी मुझे मेरी पत्नी और बेटे से मिलने के लिए घर आने दिया। लंबे समय तक एक-दूसरे के साथ समय बताने के बाद हमें एहसास हुआ कि हमें एक साथ रहना चाहिए।
Published on:
04 Jul 2022 01:13 pm
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