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कर्नाटक में CAA लागू होने पर सस्पेंस बरकरार, गृहमंत्री बोले- कैबिनेट की बैठक में लेंगे फैसला

CAA: CAA लागू करने को लेकर कर्नाटक के गृह मंत्री जी. परमेश्वर ने बुधवार को बड़ा दियान है।

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  Suspense remains on implementation of CAA Karnataka Home Minister said will take decision in cabinet meeting

केंद्र की मोदी सरकार ने सोमवार की देर शाम देश भर में CAA को लेकर नोटिफिकेशन जारी कर दिया। जहां, कई राज्यों ने इसका स्वागत किया है। वहीं, कई राज्यों की सरकारों ने इसका विरोध करने के साथ ही इसे अपने राज्य में लागू करने से मना कर दिया है। ऐसे में CAA लागू करने को लेकर कर्नाटक के गृह मंत्री जी. परमेश्वर ने बुधवार को बड़ा दियान है। उन्होंने कहा, “नागरिकता संशोधन अधिनियम (सीएए) को लागू करने या अस्वीकार करने पर फैसला राज्य कैबिनेट की बैठक में किया जाएगा।”

कैबिनेट बैठक में लिया जाएगा अंतिम फैसला

परमेश्वर ने बेंगलुरू में पत्रकारों से बात करते हुए कहा, इस संबंध में अभी चर्चा नहीं हुई है और मुख्यमंत्री सिद्दारमैया कैबिनेट बैठक करने के बाद इस पर फैसला लेंगे। फिलहाल सीएम दौरे पर हैं और कैबिनेट की बैठक अब गुरुवार को बुलाई जाएगी। सीएए पर कैबिनेट में विस्तृत चर्चा के बाद अंतिम फैसला लिया जाएगा। इसके साथ ही उन्होंने मीडिया को बताया कि बांग्लादेश और अन्य देशों के लोगों की पहचान कर उन्हें कर्नाटक से निर्वासित किया गया है।

CAA को लेकर राजनीति कर रही बीेजेपी

पत्रकारों ने जब उनसे पूछा कि क्या कांग्रेस को सीएए के कार्यान्वयन से झटका लगने का डर है, तो उन्होंने कहा, भारतीय जनता पार्टी ऐसा दावा कर रही है क्योंकि उसे कांग्रेस पार्टी के खिलाफ कोई न कोई आरोप लगाना है। हमारा तर्क देश में लोकतंत्र को बचाने का है। वे अलग तर्क रख रहे हैं। बीजेपी इतने दिनों से चुप बैठी थी और अब उन्होंने इसे लागू कर दिया है। वे इसका इस्तेमाल राजनीति के लिए कर रहे हैं। चुनाव के समय वे इसे क्यों लेकर आये? इससे साफ है कि वे चुनाव को ध्यान में रखकर ऐसा कर रहे हैं। इरादों को समझने के लिए किसी रॉकेट साइंस की जरूरत नहीं है। लोगों को यह समझना होगा।”

जाति जनगणना को लेकर दिया बड़ा बयान

विवादास्पद जाति जनगणना रिपोर्ट के बारे में परमेश्वर ने कहा, यह मामला अभी तक एजेंडे में सूचीबद्ध नहीं है। उन्होंने कहा, “हम इस पर चर्चा करेंगे। रिपोर्ट तैयार करने पर सरकार ने 168 करोड़ रुपये खर्च किये हैं, इसे बर्बाद नहीं किया जा सकता। मुख्यमंत्री सिद्दारमैया ने कहा था कि वह कैबिनेट में रिपोर्ट पेश करेंगे और कैबिनेट बैठक में लिए गए निर्णय के आधार पर फैसला लेंगे।

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