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छोटे शहरों से भी बदतर बेंगलुरु और चेन्नई के हालात, जानिए भारत के 10 सबसे गंदे शहरों के नाम

Dirtiest Cities in India: स्वच्छ भारत मिशन के तहत स्वच्छ सर्वेक्षण 2025 ने भारत के शहरों की स्वच्छता स्थिति को उजागर किया, जिसमें बेंगलुरु और रांची जैसे बड़े शहर गंदगी में फंसे, जबकि इंदौर और अहमदाबाद जैसे शहरों ने स्वच्छता में मिसाल पेश की।

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भारत

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Devika Chatraj

Nov 01, 2025

Top 10 dirtiest city

भारत के 10 सबसे गंदे शहर (AI Image)

Top 10 Dirtiest Cities: भारत के शहरों में जहां एक ओर चमचमाती इमारतें और आधुनिक शॉपिंग मॉल उभर रहे हैं, वहीं संकरी गलियों में कचरे के ढेर और बंद नालियां स्वच्छता की चुनौतियां सामने आ रही हैं। स्वच्छ भारत मिशन के तहत आयोजित स्वच्छ सर्वेक्षण 2025 की रिपोर्ट ने इसी तस्वीर को और स्पष्ट किया है। इस सर्वेक्षण में 10 लाख से अधिक आबादी वाले शहरों की श्रेणी में कई छोटे कस्बों ने बड़े महानगरों को मात दे दी है, जो दर्शाता है कि संसाधनों की कमी स्वच्छता में बाधा नहीं बनती।

बेंगलुरु भारत के सबसे गंदे शहरों में

सर्वेक्षण के अनुसार, जो शहर कचरा संग्रहण, सार्वजनिक स्वच्छता और नागरिक भागीदारी में सुधार लाए हैं। दूसरी ओर, अनियोजित विकास, अक्षम कचरा प्रबंधन और नागरिक लापरवाही से जूझ रहे शहर निचले पायदान पर खिसक गए हैं। रिपोर्ट में खास तौर पर बेंगलुरु को भारत के पांचवें सबसे गंदे शहर के रूप में चिह्नित किया गया है। 'सिलिकॉन वैली' के नाम से मशहूर यह शहर अनियंत्रित विस्तार और ढीले नागरिक अनुशासन की भेंट चढ़ गया है।

सबसे गंदे शहरों की लिस्ट

स्वच्छ सर्वेक्षण 2025 में 10 लाख से अधिक आबादी वाली श्रेणी के तहत सबसे गंदे शहरों की सूची इस प्रकार है:

  1. रांची: खराब कचरा निपटान और बंद नालियों की समस्या प्रमुख।
  2. चेन्नई: औद्योगिक प्रदूषण और अपर्याप्त स्वच्छता सुविधाओं से जूझ रहा।
  3. लुधियाना: अनियोजित विकास ने स्वच्छता को प्रभावित किया।
  4. मदुरै: विरासत शहर होने के बावजूद कचरे का बोझ बढ़ा।
  5. बेंगलुरु: तकनीकी हब के बावजूद पांचवें स्थान पर।
स्थानशहरअंक
1.मदुरै 4823
2.लुधियाना5272
3.चेन्नई6822
4.रांची6835
5.बेंगलुरु6842
6.धनबाद 7196
7.फरीदाबाद7329
8.ग्रेटर मुंबई7419
9.श्रीनगर7488
10.दिल्ली7920

Source:Swachh Survekshan 2025 report

स्वच्छ शहरों ने दिखाई मिसाल

  1. अहमदाबाद: गुजरात की इस नगरी ने कचरा पृथक्करण और रीसाइक्लिंग में उत्कृष्टता दिखाई।
  2. भोपाल: मध्य प्रदेश की राजधानी ने स्वच्छता में नई ऊंचाइयां छुईं।
  3. लखनऊ: उत्तर प्रदेश ने 7-स्टार गार्बेज फ्री सिटी का प्रमाणन प्राप्त किया।
  4. रायपुर: छत्तीसगढ़ का यह शहर नागरिक भागीदारी के लिए सराहा गया।
  5. जबलपुर: मध्य प्रदेश के इस शहर ने निरंतर सुधार से स्थान बनाया।

इसके अलावा, 'सुपर स्वच्छ लीग' में इंदौर, सूरत और नवी मुंबई जैसे महानगरों ने अपनी लगातार प्रतिबद्धता से पहचान बनाई। इंदौर ने आठवीं बार सबसे स्वच्छ शहर का खिताब जीता, जबकि सूरत और नवी मुंबई ने कचरा प्रबंधन में नवाचार दिखाया। छोटे कस्बों ने भी कमाल किया जैसे देवास (मध्य प्रदेश) ने 50,000-3 लाख आबादी वाली श्रेणी में प्रथम स्थान प्राप्त किया।

राज्य स्तर पर मध्य प्रदेश और गुजरात आगे

राज्यों की बात करें तो मध्य प्रदेश ने एक बार फिर नेतृत्व किया, जहां इंदौर, भोपाल और जबलपुर जैसे शहरों ने चमक दिखाई। गुजरात (अहमदाबाद, सूरत) और महाराष्ट्र (नवी मुंबई) भी शीर्ष पर रहे। उत्तर प्रदेश ने लखनऊ और प्रयागराज जैसे शहरों के दम पर स्वच्छ राज्य का पुरस्कार जीता।

4,500 से अधिक शहरी निकायों का मूल्यांकन

स्वच्छ सर्वेक्षण 2025, जो आवास एवं शहरी कार्य मंत्रालय द्वारा आयोजित किया गया, ने 4,500 से अधिक शहरी निकायों का मूल्यांकन किया। इसमें कचरा प्रबंधन, सड़क स्वच्छता, नागरिक फीडबैक और 3R (रिड्यूस, रीयूज, रिसाइकल) सिद्धांतों पर जोर दिया गया। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू द्वारा 17 जुलाई को आयोजित पुरस्कार समारोह में इन उपलब्धियों को सम्मानित किया गया।