
राहुल गांधी और एम के स्टालिन (Photo - IANS)
तमिलनाडु में विधानसभा चुनाव 2026 (संभावित अप्रैल-मई) अब कुछ ही महीनों में होने वाले हैं। ऐसे में द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (DMK) और कांग्रेस के बीच सीट-शेयरिंग को लेकर खींचतान शुरू हो गई है। राज्य की कुल 234 विधानसभा सीटों में कांग्रेस जहां अधिक भागीदारी चाहती है, वहीं DMK पिछली बार से अधिक सीटें देने को तैयार नहीं दिख रही है। फिलहाल दोनों ही पार्टियां इस मुद्दे पर सार्वजनिक रूप से खुलकर कुछ भी कहने से बच रही हैं।
कुछ रिपोर्टों के मुताबिक, कांग्रेस पार्टी राज्य में 40 से 50 से अधिक सीटों पर चुनाव लड़ना चाहती है, जो पिछली बार की तुलना में कहीं अधिक है। इस मांग के पीछे कांग्रेस की कोशिश है कि वह तमिलनाडु में सिर्फ गठबंधन की सहयोगी बनकर न रह जाए, बल्कि सत्ता में बड़ी भागीदारी निभाए।
वहीं कुछ अन्य रिपोर्टों में दावा किया गया है कि कांग्रेस 35 सीटों पर चुनाव लड़ने की इच्छुक है, लेकिन उसकी सहयोगी पार्टी DMK 30 से अधिक सीटें देने पर सहमत नहीं है। तमाम अटकलों और दावों के बीच कांग्रेस और DMK के बीच सीट-शेयरिंग को लेकर अब तक कोई अंतिम सहमति नहीं बन सकी है। हाल ही में इस मुद्दे पर राहुल गांधी और DMK नेताओं के बीच बातचीत भी हुई है, लेकिन फिलहाल समझौता होना बाकी है।
अगर तमिलनाडु विधानसभा चुनाव 2021 पर नजर डालें, तो द्रविड़ मुनेत्र कड़गम ने 188 सीटों पर चुनाव लड़ा था, जिनमें से 133 सीटों पर जीत दर्ज की थी। वहीं कांग्रेस ने 25 सीटों पर चुनाव लड़ा और 18 सीटों पर जीत हासिल की थी। इसके अलावा AIADMK ने 191 सीटों पर चुनाव लड़ा था, जिनमें से 66 सीटों पर जीत दर्ज कर वह मुख्य विपक्षी पार्टी बनी थी।
Updated on:
01 Feb 2026 11:01 am
Published on:
01 Feb 2026 10:59 am

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