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Tamilnadu Elections: क्या DMK और AIADMK को टक्कर दे पाएंगे थलापति विजय? नायक से जननायक बनने की कोशिश

Thalapathy Vijay Contest Tamil Nadu Elections: थलापति विजय तमिलनाडु विधानसभा चुनाव लड़ रहे हैं। वह दो सीटों से चुनाव लड़ रहे हैं, लेकिन बड़ा सवाल यह है कि क्या वह क्या DMK और AIADMK को टक्कर दे पाएंगे। राजनीति में रजनीकांत, विजयकांत और कमल हासन की कोशिशें नाकाम रही हैं। पढ़ें पूरी खबर...

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Thalapathy Vijay

एक्टर विजय। (फोटो- IANS/X/@ActorVijayTeam)

1967 में कांग्रेस को तमिलनाडु की सत्ता से बेदखल करने के बाद से राज्य में ‘कझगम’ पार्टियों का ही राज रहा है। यह वर्ष द्रविड़ दल के ‘उदय’ का था, जिसमें से बाद में ‘हरी पत्ती’ निकली। फिर यहां, दोनों ही पार्टियों क्रमश: द्रविड़ मुनेत्र कझगम (डीएमके) व अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कझगम (एआइएडीएमके) का ही शासन रहा।

ऐसे में इक्कीसवीं सदी यानी 2001 के बाद रजतपट के सितारों ने नई पार्टियां बनाकर द्रविड़ दलों की बुनियाद हिलाने की कोशिश अवश्य की लेकिन नाकाम रहे। विकल्प के रूप में अब अभिनेता ‘इलय थलपति’ विजय ने सियासत में जोरदार एंट्री मारी है लेकिन उनकी पार्टी तमिलगा वेट्री कझगम (टीवीके) की लोकप्रियता की कसौटी 23 अप्रेल को होने वाले विधानसभा चुनाव में आंकी जाएगी।

तमिलनाडु विधानसभा का यह सत्रहवां चुनाव है। 1952 से 2021 तक हुए विधानसभा चुनावों में तीन बार कांग्रेस को जीत हासिल हुई। हालांकि उसकी जीत 1962 के चुनाव के साथ ठहर गई। 1967 में पहली बार डीएमके को जीत मिली और संस्थापक सी. एन. अन्नादुरै मुख्यमंत्री बनें।

उनके बाद से सत्ता के सिंहासन पर एम. करुणानिधि, एम. जी. रामचंद्रन व जे. जयललिता ही लगभग चार दशक तक काबिज रहे। जयललिता व करुणानिधि के निधन के बाद एडपाडी के. पलनीस्वामी और एम. के स्टालिन सीएम बनें। कुछ मौकों पर अस्थाई रूप से ओ. पन्नीरसेल्वम ने भी राज्य की बागडोर संभाली। जहां तक सत्ता में आने की बात है, एआइएडीएमके ने सात बार तो डीएमके छह मर्तबा सफल रही।

विजयकांत : अर्श से फर्श

ऐसे में इक्कीसवीं सदी में ‘करुप्पु एमजीआर’ (ब्लैक एमजीआर) के रूप में लोकप्रिय कॉलीवुड अभिनेता विजयकांत ने 2005 में अपनी पार्टी देशिय मुरपोक्क द्रविड़ कझगम (डीएमडीके) शुरू की। अपने पहले ही 2006 के विधानसभा चुनाव में विजयकांत की पार्टी ने अपने बूते शानदार प्रदर्शन किया और 8 प्रतिशत से अधिक वोट हासिल किए।

विरुदाचलम सीट से विजयकांत तमिलनाडु विस के लिए चुने गए। 2009 के लोकसभा चुनाव में पार्टी का प्रदर्शन ही सामान्य ही रहा। लेकिन पहली बार वह 2011 के विस चुनाव में एआइएडीएमके गठबंधन से मैदान में उतरी। विजयकांत की पार्टी के 41 में से 29 उम्मीदवार जीते। यह वह चुनाव था जहां डीएमके राज्य की दूसरी सबसे बड़ी पार्टी भी नहीं बन सकी और विजयकांत के सिर नेता प्रतिपक्ष का खिताब सजा।

इस चुनाव के बाद विजयकांत ने अपनी अगुवाई में दो गठबंधन बनाए और क्रमश: लोकसभा व विधानसभा चुनाव में कड़ी हार का सामना किया। पार्टी को ना कोई सीट मिली बल्कि वोट प्रतिशत भी गिरता चला गया। 2021 के विस चुनाव में टीटीवी दिनकरण की पार्टी एएमएमके के गठबंधन में चुनाव लड़ते हुए पार्टी का वोट शेयर केवल 0.43% रह गया। 2023 में विजयकांत के निधन के बाद पार्टी की कमान उनकी पत्नी प्रेमलता के हाथ में हैं, जिन्होंने डीएमके से गठबंधन कर लिया है।

कमल हासन व रजनीकांत

विजयकांत के समकालीन अभिनेताओं क्रमश: कमल हासन और सुपरस्टार रजनीकांत ने भी राजनीति में किस्मत आजमाने की कोशिश की। रजनीकांत ने 2017 में पार्टी बनाने की घोषणा की। 2018 में रजनी मक्कल मंड्रम की स्थापना की गई और इसे राजनीतिक दल का रूप देने के शुरुआती कार्य हुए। फिर उनकी किडनी बिगड़ गई और सर्जरी के बाद 2020 में कोरोना संकट और सेहत के मद्देनजर राजनीति से संन्यास की घोषणा कर दी।

इस बीच कमल हासन ने 2018 में मक्कल नीदि मय्यम (एमएनएम) की स्थापना की। 2019 में पार्टी ने 37 लोस सीटों पर चुनाव लड़ा और उसे एक प्रतिशत से भी कम वोट मिले। 2021 के विधानसभा चुनाव में कमल हासन को साउथ कोयम्बत्तूर से हार मिली। कमजोर होती पार्टी को देख उन्होंने डीएमके समझौता कर लिया। फिर डीएमके कोटे से वे 2025 में राज्यसभा सांसद बन गए। उनकी पार्टी ने इस बार चुनाव लड़ने से इनकार कर दिया है।

दो और फिल्म जगत से

इस कड़ी में चुनाव दर चुनाव ‘स्लो एंड स्टडी विन द रेस’ वाली कहावत को चरितार्थ करते हुए फिल्मकार सीमॉन की नाम तमिलर कच्ची (एनटीके) का वोट प्रतिशत बढ़ता जा रहा है। 2010 में इसकी स्थापना के बाद सीमॉन अपने विवेक और वाग्मिता से नए और तटस्थ मतदाताओं को आकर्षित करते आ रहे हैं। पार्टी ने अभी तक के सभी चुनाव अकेले लड़े हैं। इस बार भी वह अपने बूते ही मैदान में है। सीमॉन राज्य से द्रविड़ दलों का शासन समाप्त करना चाहते हैं। लोस चुनाव 2024 में पार्टी ने 8.19% वोट हासिल कर चुनाव आयोग से क्षेत्रीय दल का दर्जा प्राप्त किया है।

अब टीवीके के जरिए एक्टर विजय मैदान

सीमॉन के बाद अब टीवीके के जरिए एक्टर विजय मैदान में है। उनकी रैलियों में लाखों लोग उमड़े हैं। करूर में मची भगदड़ से हुई 41 लोगों की मौतों के बाद राज्य में राजनीतिक रैलियों व बड़े आयोजनों की अनुमतियों को लेकर कायदे बदल दिए गए। युवाओं को उनसे उम्मीद हैं। उनको परिवर्तन के उपक्रम के रूप में देखा जा रहा है। पार्टी सभी 234 सीटों से चुनाव लड़ रही है।