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तमिलनाडु में सरकार गठन पर सुप्रीम कोर्ट पहुंची TVK, राज्यपाल से विजय को सरकार बनाने का न्योता देने की मांग

TVK Petition: तमिलनाडु में सरकार गठन को लेकर TVK के एक सदस्य ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है। याचिका में राज्यपाल को सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरी थलापति विजय की TVK को सरकार बनाने के लिए आमंत्रित करने का निर्देश देने की मांग की गई है।

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TVK Chief Thalapathy Vijay and Supreme Court.

तमिलगा वेत्री कझगम पार्टी के एक सदस्य ने सुप्रीम कोर्ट में तमिलनाडु में सरकार गठन को लेकर याचिका दायर की है। (Photo- IANS/ANI)

TVK on Supreme Court: तमिलनाडु में सरकार गठन को लेकर तमिलगा वेत्री कझगम (TVK) के एक सदस्य ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है। याचिका में तमिलनाडु के राज्यपाल को अभिनेता से नेता बने थलापति विजय की पार्टी TVK को राज्य में सरकार बनाने के लिए आमंत्रित करने का निर्देश देने की मांग की गई है, क्योंकि वह विधानसभा चुनाव में सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है।

यह याचिका के. एझिलारसी ने दायर की है, जिन्होंने खुद को एक वकील और TVK का सक्रिय सदस्य बताया है। याचिका में कहा गया है कि 2026 के तमिलनाडु विधानसभा चुनावों के नतीजों के बाद सदन में किसी भी पार्टी को स्पष्ट बहुमत नहीं मिला।

याचिका के मुताबिक, 234 सदस्यीय तमिलनाडु विधानसभा में TVK 108 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी। वहीं DMK को 59 सीटें, AIADMK को 47 और कांग्रेस को 5 सीटें मिलीं। इसके अलावा PMK, IUML, CPI, VCK, CPI(M), BJP, DMDK और AMMK समेत अन्य दलों ने बाकी सीटों पर जीत दर्ज की।

क्या कहा गया है याचिका में?

याचिका में कहा गया है कि TVK प्रमुख विजय ने 7 मई को राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ अर्लेकर से मुलाकात कर सरकार बनाने का दावा पेश किया था। साथ ही यह भी बताया गया कि कांग्रेस के समर्थन के बाद TVK के पास 113 विधायकों का समर्थन है, जो बहुमत के आंकड़े 118 से पांच कम है।

हालांकि, रिपोर्टों के अनुसार राज्यपाल ने विजय से कहा कि सरकार बनाने के लिए आमंत्रित किए जाने से पहले उन्हें 118 विधायकों के समर्थन का प्रमाण देना होगा। याचिकाकर्ता ने राज्यपाल के इस रुख पर सवाल उठाया है।

याचिका में तर्क दिया गया है कि जब किसी भी पूर्व-चुनावी गठबंधन को बहुमत नहीं मिला है, तब संवैधानिक परंपरा के तहत सबसे बड़ी पार्टी होने के नाते TVK को पहले सरकार बनाने के लिए आमंत्रित किया जाना चाहिए और फिर सदन में बहुमत साबित करने का अवसर दिया जाना चाहिए। याचिका में कहा गया है, 'सदन का पटल ही बहुमत के दावे की जांच का एकमात्र वैध स्थान है।'

सदन में फ्लोर टेस्ट की दलील

याचिका में कहा गया है कि राज्यपाल की भूमिका केवल सरकार बनाने के लिए आमंत्रित करने तक सीमित है, न कि पहले से पूर्ण बहुमत का सबूत मांगने तक। याचिकाकर्ता ने दलील दी है कि TVK से पहले 118 विधायकों के समर्थन पत्र मांगना संवैधानिक प्रक्रिया को उलटने जैसा होगा।'

याचिका के अनुसार सही प्रक्रिया यह होगी कि पहले TVK को सरकार बनाने के लिए बुलाया जाए, नई सरकार को शपथ दिलाई जाए और उसके बाद सदन में फ्लोर टेस्ट कराकर बहुमत साबित कराया जाए। याचिकाकर्ता ने सुप्रीम कोर्ट से ‘रिट ऑफ मैंडमस’ जारी करने की मांग की है, ताकि राज्यपाल को विजय को सरकार बनाने के लिए आमंत्रित करने और मुख्यमंत्री पद की शपथ दिलाने का निर्देश दिया जा सके।

इसके साथ ही एक अंतरिम आवेदन भी दायर किया गया है, जिसमें राज्यपाल को किसी अन्य नेता को सरकार गठन के लिए आमंत्रित करने से रोकने की मांग की गई है।