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‘अपना ब्लाउज फाड़ लो’, केरल कांग्रेस नेता का विवादित बयान वायरल, विपक्षी पार्टी का विरोध

Congress Leader C P Mathew: केरल के इडुक्की में कांग्रेस नेता सी पी मैथ्यू के विवादित बयान का वीडियो वायरल हो रहा है। महिला कार्यकर्ता पर आपत्तिजनक टिप्पणी से मचा राजनीतिक बवाल। विपक्ष ने साधा निशाना। चुनाव से पहले कांग्रेस की मुश्किलें बढ़ सकती हैं।

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भारत

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Anurag Animesh

Apr 06, 2026

Congress Leader

Congress Leader CP Mathew

Congres Leader Blouse Speech: केरल में विधानसभा चुनाव की आहट तेज होते ही सियासी माहौल भी गरमाता जा रहा है। लेकिन इस बार मुद्दा सिर्फ चुनावी वादों का नहीं, बल्कि एक वरिष्ठ नेता के विवादित बयान का बन गया है। दरअसल, केरल के इडुक्की में कांग्रेस के एक नेता का बयान सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसने पार्टी को असहज स्थिति में डाल दिया है।इडुक्की जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष सी पी मैथ्यू एक चुनावी सभा को संबोधित कर रहे थे। यह सभा संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (यूडीएफ) के उम्मीदवार रॉय के. पॉलोस के समर्थन में आयोजित की गई थी। अपने भाषण के दौरान मैथ्यू ने एक पुराने विरोध प्रदर्शन का जिक्र किया। आरोप है कि उन्होंने कहा कि एक महिला कार्यकर्ता को उन्होंने खुद निर्देश दिया था कि वह आंदोलन के दौरान अपनी ब्लाउज फाड़ दे, ताकि विरोधी पक्ष के खिलाफ मामला मजबूत बनाया जा सके।

Congress Leader C P Mathew: वीडियो वायरल


इतना ही नहीं, वायरल वीडियो में वह यह भी कहते सुने जा रहे हैं कि महिलाएं इस तरह के तरीकों का इस्तेमाल करके राजनीतिक विरोधियों को कानूनी झंझट में फंसा सकती हैं। जैसे ही यह वीडियो सामने आया, लोगों की प्रतिक्रियाएं तेज हो गईं। कई यूजर्स ने इसे महिलाओं के सम्मान के खिलाफ बताया, तो कुछ ने इसे राजनीति का खतरनाक चेहरा कहा। वीडियो में यह भी देखा गया कि मंच पर मौजूद कुछ अन्य नेता इन बातों पर मुस्कुराते नजर आए, जिससे विवाद और गहरा गया। चुनाव से ठीक पहले इस तरह का विवाद कांग्रेस के लिए परेशानी खड़ी कर सकता है। खासकर ऐसे समय में जब महिला मतदाताओं को साधना हर पार्टी की प्राथमिकता होती है।

Congress की चुप्पी

अब तक भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की ओर से इस पूरे मामले पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। यही चुप्पी विपक्ष को हमला करने का मौका दे रही है। लेकिन वामपंथी दल सीपीआई(एम) ने इस बयान की कड़ी आलोचना की है।पार्टी का कहना है कि यह न सिर्फ महिलाओं का अपमान है, बल्कि चुनाव के दौरान कानून का दुरुपयोग करने की मानसिकता को भी दिखाता है। सीपीआई(एम) ने आरोप लगाया कि इस तरह की बातें राजनीतिक विरोधियों को झूठे मामलों में फंसाने की सोची-समझी रणनीति का हिस्सा हो सकती हैं।