
तेज प्रताप यादव Photo-IANS)
Tej Pratap Yadav Controversial Statement: देशभर में आज यानी 2 अक्टूबर को महात्मा गांधी जयंती मनाई जा रही है। गांधी जी के साथ लाल बहादुर शास्त्री को भी याद किया रहा है। देश को आजादी दिलाने में इन दोनों नेताओं ने अहम भूमिका निभाई थी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, राष्ट्रपति द्रोपती मुर्मु, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, गृहमंत्री अमित शाह, कांग्रेस नेता राहुल गांधी सहित तमाम नेता महात्मा गांधी और शास्त्री को याद कर रहे है। वहीं, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) अपनी 100वीं वर्षगांठ बना रहा है। नागपुर से देशभर में आज कई प्रकार के कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे है। इसी बीच जनशक्ति जनता दल के संस्थापक और बिहार के पूर्व मंत्री तेज प्रताप यादव ने आरएसएस को लेकर विवाद बयान दिया है।
बिहार की राजनीति में इन दिनों लालू यादव के बड़े बेटे तेज प्रताप यादव सुर्खियों में छाए हुए है। आरजेडी पार्टी और परिवार से निकाले जाने के बाद तेज प्रताप इन दिनों अपनी अलग पार्टी 'जनशक्ति जनता दल' बना ली है। गुरुवार को तेज प्रताप यादव न कहा कि आजादी की लड़ाई में आरएसएस का कोई यागदार नहीं था। महात्मा गांधी के साथ क्या हुआ था, वह सभी लोग जानते हैं। हम गांधीवादी लोग हैं। माना जा रहा है कि तेज प्रताप के इस बयान पर आरएसएस और बीजेपी पलटवार करेगी। हालाकि अभी तक कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं है।
पूर्व मंत्री तेज प्रताप यादव ने बिहार चुनाव की तैयारियों के बारे बात करते हुए कहा कि हम प्रदेश के सभी जिलों में दौरा कर रहे है। उन्होंने कहा कि हम अपना सबकुछ जनता पर न्यौछावर कर दिया है। तेज प्रताप को उम्मीद है कि आने वाले विधानसभा चुनाव में जनता का भरपूर समर्थन मिलेगा।
आपको बता दें कि बीते दिनों तेज प्रताप सीतामढ़ी जिले के रुन्नीसैदपुर पहुंचे थे। उनके मंच पर आते ही रैली में मौजूद लोग जोर-जोर से 'जय श्री राम' के नारे लगाने लगे। लेकिन तेज प्रताप को यह रास नहीं आया। उन्होंने साफ कहा कि सिर्फ 'जय श्री राम' का नारा लगाना गलत है। उनका कहना था कि इस नारे में सीता माता का नाम शामिल नहीं है। उन्होंने समर्थकों से अपील की कि सही नारा 'जय सिया राम' होना चाहिए, ताकि राम और सीता दोनों का सम्मान हो। उनका यह वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है।
Updated on:
02 Oct 2025 04:35 pm
Published on:
02 Oct 2025 04:35 pm
