
हिमाचल में विंग कमांडर नामांश स्याल का पैत्रिक गांव (फोटो- पत्रिका ग्राफिक्स)
दुबई एयर शो के दौरान भारत का स्वदेशी लड़ाकू विमान, तेजस क्रैश हो गया। शुक्रवार को हुई इस दुर्घटना में विमान उड़ा रहे भारतीय वायुसेना के विंग कमांडर नामांश स्याल शहीद हो गए। 37 वर्षीय नामांश स्याल हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले के रहने वाले थे। उनकी मौत की खबर से पूरे गावं में मातम छा गया है। खबर सामने आने के बाद शुक्रवार शाम से ही लोग जिले के नगरोटा बगवां क्षेत्र के पटियालकर गांव में स्थित विंग कमांडर के घर पहुंचने लगे। गांव के लोग पूरी रात परिवार के साथ वहीं रुके रहे और इस दुख की घड़ी में उनका हौसला बढ़ाया।
नामांश के शहीद होने की खबर सामने आने के बाद से ही परिवार के लोगों का रो-रो कर बुरा हाल है। पत्रकार कांगड़ा में शहीद के घर पहुंचे जहां उनके रिश्तेदार और गांव वाले मौजूद थे। शहीद के घर का एक वीडियो भी सामने आया है जिसमें उनके घर में बैठी कुछ महिलाएं फूट-फूट कर रोती दिखाई दे रही हैं। वीडियो में देखा जा सकता है कि वहां मौजूद एक महिला का रो-रो कर बूरा हाल है। महिला रोते हुए यह कह रही है कि, मेरे बच्चे के चीथड़े- चीथड़े उड़ गए। हालांकि इनका शहीद से क्या संबंध है यह अभी पता नहीं चल पाया है।
शहीद के चाचा जोगिंदर नाथ स्याल ने कहा, मुझे दोपहर करीब 3 बजे मेरे भाई का फोन आया, और उन्होंने मुझे दुर्घटना के बारे में बताया। वह मेरे भाई का बेटा था। उसकी शादी 2014 में हुई थी और उसकी एक बेटी है। विंग कमांडर के ब्रदर इन लॉ रमेश कुमार ने कहा, उन्हें पदोन्नति मिलने वाली थी। 34 साल की उम्र में, वह स्क्वाड्रन लीडर थे। वह बहुत ही विनम्र व्यक्ति थे। उनकी मौत की खबर से पूरा गांव दुखी है।
नमांश के पिता जगननाथ स्याल जब यूट्यूब पर बेटे के एयर शो के वीडियो खोज रहे थे उसी दौरान उनके सामने यह दिल दहला देने वाली खबर आई। उन्होंने बताया कि, मैंने आखिरी बार गुरुवार को अपने बेटे से बात की थी और उसने मुझे युट्यूब या टीवी पर उसका एयर शो देखने के लिए कहा था। शुक्रवार शाम 4 बजे करीब जब मैं यूट्यूब पर एयर शो के वीडियो सर्च कर रहा था तभी मुझे तेजस के क्रैश होने की खबर मिली। मैंने तुरंत अपनी बहु को फोन किया। कुछ ही देर में वायु सेना के 6 अधिकारी हमारे घर पहुंच गए थे और तभी मैं समझ गया था कि मेरे बेटे के साथ कुछ बहुत गलत हुआ है।
नमांश का परिवार मूल रूप से कांगड़ा का रहने वाला है लेकिन फिलहाल वे तमिलनाडू के कोयंबटूर में है। नामांश एयर शो के लिए दुबई गए थे और उनकी पत्नी जो कि खुद भी वायु सेना में विंग कमांडर है, वह कोलकाता में ट्रेनिंग पर थी। नामांश की एक सात साल की बेटी है जिसका नाम आर्या स्याल है। आर्या की देखभाल करने के लिए ही दो हफ्ते पहले नामांश के पिता और उनकी मां वीणा स्याल कांगड़ से कोयंबटूर आए थे। पिता ने बताया कि, नामांश की मां बेटे की मौत की खबर सुन कर सदमे में चली गई है और किसी से बात नहीं कर रही है।
नामांश के पिता से मिली जानकारी के अनुसार, दुबई में औपचारिकताएं पूरी करने के बाद सोमवार या मंगलवार तक नामांश की पार्थिव देह को भारत लाया जाएगा जिसके बाद उनके पैत्रिक गांव में ही उनका अंतिम संस्कार होगा। नामांश एक कुशल और अनुभवी पायलट थे। वह अंतर्राष्ट्रीय मंच पर भारतीय तेजस को प्रदर्शित करने के लिए दुबई शो में हिस्सा ले रहे थे। इस कार्यक्रम के आखिरी दिन अल मकतूम अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर एक अभ्यास के दौरान तेजस का संतुलन बिगड़ गया और वह हवा में गोते खाता हुआ जमीन से टकरा गया। टकराते ही एक जोरदार धमाका हुआ और विमान एक आग के गोले में बदल गया। इस घटना में विमान के पायलट नामांश शहीद हो गए।
Updated on:
23 Nov 2025 01:19 pm
Published on:
22 Nov 2025 11:06 am
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