
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी । ( फोटो: ANI )
SHOCKING: तेलंगाना की राजनीति में एक बार फिर बड़ा भूचाल आने के संकेत मिल रहे हैं। निजामाबाद से भारतीय जनता पार्टी के सांसद धर्मपुरी अरविंद ने ऐसा दावा किया है जिससे कांग्रेस खेमे की नींद उड़ गई है। भाजपा सांसद ने सीधे तौर पर संकेत दिया है कि तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी आने वाले समय में कांग्रेस को अलविदा कह कर भारतीय जनता पार्टी में शामिल हो सकते हैं। अरविंद के इस बयान के बाद राज्य में नए सियासी समीकरणों को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।
भाजपा सांसद धर्मपुरी अरविंद ने मीडिया से बात करते हुए मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी की तुलना पश्चिम बंगाल के कद्दावर नेता सुवेंदु अधिकारी से कर दी। उन्होंने कहा कि रेवंत रेड्डी कांग्रेस के लिए 'कल के सुवेंदु अधिकारी' साबित होंगे। ध्यान रहे कि सुवेंदु अधिकारी ने दिसंबर 2020 में ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस का साथ छोड़ कर भाजपा का दामन थामा था। इसके ठीक बाद,उन्होंने वर्ष 2021 के अप्रैल-मई महीने में पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव हुए थे, जिसमें उन्होंने नंदीग्राम सीट से ममता बनर्जी को चुनाव में हरा दिया था और आज वे बंगाल में भाजपा के सबसे बड़े चेहरों में से एक हैं। ठीक इसी तरह अरविंद का मानना है कि रेवंत रेड्डी भी तेलंगाना में कांग्रेस को बड़ा झटका देकर पाला बदल सकते हैं।
इस बड़े दावे के पीछे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और सीएम रेवंत रेड्डी के बीच हालिया दिनों में दिखी राजनीतिक शिष्टता को भी एक बड़ी वजह माना जा रहा है। मुख्यमंत्री बनने के बाद से रेवंत रेड्डी ने कई मौकों पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कार्यशैली की सराहना की है। सरकारी मंचों पर दोनों नेताओं के बीच की कैमिस्ट्री और रेवंत रेड्डी की ओर से पीएम मोदी को 'बड़े भाई' के रूप में संबोधित किए जाने को लेकर राजनीतिक पंडित पहले से ही कई तरह के कयास लगा रहे थे। अब भाजपा सांसद के इस खुले बयान ने उन कयासों को और अधिक हवा दे दी है।
राजनीतिक गलियारों से आ रही खबरों के मुताबिक, कांग्रेस के अंदर भी सब कुछ ठीक नहीं चल रहा है। पिछले कुछ समय से यह चर्चा आम है कि कांग्रेस आलाकमान मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी के कुछ फैसलों और राज्य सरकार की कार्यप्रणाली से पूरी तरह संतुष्ट नहीं है। वहीं दूसरी तरफ, रेवंत रेड्डी पर विपक्षी दलों को डराने और प्रशासनिक तंत्र का दुरुपयोग करने के आरोप भी लगते रहे हैं। भाजपा सांसद अरविंद ने आरोप लगाया कि राज्य में चुनावी वादे पूरे नहीं हो रहे हैं और मुख्यमंत्री का ग्राफ लगातार गिर रहा है, जिसके चलते वे अपने राजनीतिक भविष्य के लिए नया रास्ता चुन सकते हैं।
इस सनसनीखेज दावे पर कांग्रेस पार्टी की ओर से तीखी प्रतिक्रिया आई है। कांग्रेस प्रवक्ताओं ने इसे भाजपा का 'माइंड गेम' और कोरी कल्पना करार दिया है। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि रेवंत रेड्डी के नेतृत्व में तेलंगाना में सरकार पूरी मजबूती से चल रही है और भाजपा अपनी जमीन खिसकती देख इस तरह की अफवाहें फैला रही है। दूसरी तरफ, भारत राष्ट्र समिति ने इस पर तंज कसते हुए कहा कि कांग्रेस और भाजपा के बीच अंदरूनी साठगांठ अब खुल कर सामने आ रही है।
आने वाले दिनों में इस बयान को लेकर तेलंगाना विधानसभा से लेकर दिल्ली तक राजनीतिक सरगर्मी बढ़ना तय है। राजनीतिक विश्लेषक अब मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी के अगले कदमों और उनके बयानों पर पैनी नजर रख रहे हैं। यह भी देखा जा रहा है कि कांग्रेस हाईकमान इस पूरे घटनाक्रम को किस तरह संभालता है और क्या मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी खुद सामने आकर इस दावे का खंडन करते हैं या चुप्पी साधे रहते हैं।
इस पूरे विवाद का एक पहलू यह भी है कि भाजपा सांसद धर्मपुरी अरविंद और रेवंत रेड्डी के बीच पुरानी राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता रही है। अरविंद अक्सर मुख्यमंत्री और उनकी सरकार पर भ्रष्टाचार (जैसे 'आरआर टैक्स' के आरोप) और वादे खिलाफी को लेकर हमलावर रहते हैं। इस बयान को कुछ विश्लेषक कांग्रेस के कार्यकर्ताओं का मनोबल तोड़ने और आगामी स्थानीय निकाय चुनावों से पहले राज्य में भाजपा को एकमात्र मजबूत विकल्प के रूप में पेश करने की रणनीति के हिस्से के रूप में भी देख रहे हैं।
Updated on:
19 May 2026 02:08 pm
Published on:
19 May 2026 02:00 pm
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