7 फ़रवरी 2026,

शनिवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

…तो फिर महाराष्ट्र, यूपी, बिहार, बंगाल की विधानसभाओं का कार्यकाल पांच साल से कम होगा

One Nation One Election: लोकसभा चुनाव से कुछ महीने पहले विधानसभा चुनाव वाले राजस्थान, मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ जैसे राज्यों को लेकर असमंजस है। पढ़िए शादाब अहमद की रिपोर्ट-

2 min read
Google source verification

One Nation One Election: महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, बिहार, पश्चिम बंगाल तमिलनाडु, झारखंड जैसे कई ऐसे राज्य हैं, जहां 2029 के लोकसभा चुनाव के बाद विधानसभाओं का कार्यकाल पांच साल का नहीं होगा। जबकि 2034 के लोकसभा चुनाव से पहले प्रस्तावित विधानसभा चुनाव वाले राज्य राजस्थान मध्य प्रदेश छत्तीसगढ़ तेलंगाना की विधानसभाओं के कार्यकाल को लेकर असमंजस है। दरअसल, हम बात कर रहे हैं एक देश एक चुनाव के लिए लोकसभा में पेश किए संविधान संशोधन बिल की। यदि यह बिल मौजूदा हालत में पास होता है तो इसका कई राज्यों के विधानसभाओ के कार्यकाल पर खासा असर होगा।

बिल में प्रावधान किया गया है कि अगले लोकसभा चुनाव के बाद लोकसभा की पहली बैठक वाले दिन राष्ट्रपति की ओर से अधिसूचना जारी होगी। यह नियत तारीख कहलाएगी और इससे लोकसभा के साथ सभी विधानसभाओं का कार्यकाल पांच साल का तय हो जाएगा। बिल में प्रावधान है कि इस नियत तारीख के बाद हुए विधानसभाओं के निर्वाचन लोकसभा की पूर्ण अवधि पर समाप्त हो जाएंगे। यानी नियत तारीख 2029 के लोकसभा चुनाव के बाद की होती है तो इसके बाद होने वाले सभी राज्यों की विधानसभाओं का कार्यकाल 2034 में लोकसभा के साथ ही समाप्त हो जाएगा। इसके चलते कई राज्यों की विधानसभाओं का कार्यकाल पांच साल का नहीं हो सकेगा। इनमें महाराष्ट्र, झारखंड, दिल्ली, बिहार, तमिल नाडु, पश्चिम बंगाल, असम, केरल, गुजरात, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, मणिपुर समेत कई अन्य राज्य शामिल है।

प्रावधान पर असमंजस

चार महीने पहले पांच और सवा साल पहले 6 राज्यों में चुनाव लोकसभा चुनाव से करीब चार से पांच महीने पहले राजस्थान, मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़, तेलंगाना और मिजोरम के विधानसभा चुनाव होते हैं। इसके अलावा लोकसभा चुनाव से एक से डेढ़ साल पहले कर्नाटक, त्रिपुरा, मेघालय, नगालैंड, हिमाचल प्रदेश और गुजरात में विधानसभा चुनाव होते हैं। पूर्ण बहुमत की सरकार रही तो दिसंबर 2032 से दिसंबर 2033 सवा साल में इन राज्यों में विधानसभा चुनाव होंगे। वहीं बिल के प्रस्ताव के अनुसार 2034 लोकसभा चुनाव में यहां फिर से विधानसभा चुनाव कराए जाएंगे। इतनी जल्दी चुनाव के चलते इस प्रावधान पर असमंजस बना हुआ है। इसको लेकर खासी सियासत हो सकती है।

राज्यों में विधानसभा चुनाव समय

प्रदेश अगला विधान सभा चुनाव

महाराष्ट्र नवंबर 2029

झारखंड नवंबर 2029

दिल्ली फरवरी 2025, फरवरी 2030

बिहार नवंबर 2025, नवंबर 2030

तमिल नाडु अप्रैल 2026, अप्रैल 2031

पश्चिम बंगाल अप्रैल 2026, अप्रैल 2031

असम अप्रैल 2026, अप्रैल 2031

केरल अप्रैल 2026, अप्रैल 2031

उत्तरप्रदेश फरवरी 2027, फरवरी 2032

उत्तराखंड फरवरी 2027, फरवरी 2032

पंजाब फरवरी 2027, फरवरी 2032

मणिपुर फरवरी 2027, फरवरी 2032

गुजरात नवंबर 2027, नवंबर 2032

हिमाचल प्रदेश नवंबर 2027, नवंबर 2032

लोकसभा के पूर्व महासचिव और संविधान विशेषज्ञ पी डी टी आचार्य ने कहा कि मौजूदा बिल के प्रावधान से कई राज्यों के विधानसभाओं का कार्यकाल प्रभावित हो सकता है। 2029 लोकसभा चुनाव के बाद यदि मौजूदा बिल अमल में आया तो 2029 से 2034 के बीच राज्यों में विधानसभा चुनाव होंगे, लेकिन इन राज्यों का कार्यकाल 2034 तक सीमित रहेगा।