
Farmers Krishi Budget: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण आज मंगलवार 23 जुलाई को संसद में अपना लगातार सातवां बजट पेश कर रही हैं। 2024-25 के बजट को मोदी 3.0 सरकार की कार्ययोजना माना जा रहा है, जिसमें अगले पांच वर्षों में भारत के विकास की रूपरेखा तैयार की जाएगी।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज 2024 का केंद्रीय बजट पेश करते हुए घोषणा की कि अगले दो वर्षों में एक करोड़ किसानों को प्राकृतिक खेती से जोड़ा जाएगा। अपने लगातार सातवें बजट में, सुश्री सीतारमण ने टिकाऊ प्रथाओं, डिजिटल बुनियादी ढांचे और उत्पादन में वृद्धि पर ध्यान केंद्रित करने वाली पहलों की रूपरेखा भी प्रस्तुत की।
किसानों की खेतीबाड़ी के लिए 32 कृषि और बागवानी फसलों की ब 109 उच्च पैदावार वाली और जलवायु अनुकूल किस्में जारी की जाएंगी।
अगले दो वर्षों में पूरे देश में एक करोड़ किसानों को प्राकृतिक कृषि व लिए सहायता दी जाएगी जिसमें प्रमाण-पत्र और ब्रांडिंग व्यवस्था भी शामिल होगी। इसका कार्यान्वयन वैज्ञानिक संस्थाओं और इच्छुक ग्राम पंचायतों के माध्यम से किया जाएगा। 10,000 आवश्यकता आधारित जैव-आदान संसाधन केंद्र स्थापित किए जाएंगे।
दलहनों और तिलहनों में आत्मनिर्भर बनने के लिए, हम इन फसलों के उत्पादन, भंडारण और विपणन को सुदृढ़ बनाएंगे। जैसा कि अंतरिम बजट में घोषणा की गई थी, सरसों, मूंगफली, तिल, सोयाबीन और सूरजमुखी जैसी तिलहनों के लिए 'आत्मनिर्भरता' प्राप्त करने हेतु एक कार्यनीति बनाई जा रही है।
प्रमुख उपभोक्ता केंद्रों के नजदीक बड़े पैमाने पर सब्जी उत्पादना क्लस्टर विकसित किए जाएंगे। हम उपज के संग्रहण, भंडारण और विपणन सहित सब्जी आपूर्ति श्रृंखलाओं के लिए किसान उत्पादक संगठनों, सहकारी समितियों और स्टार्ट-अप को बढ़ावा देंगे।
प्रायोगिक परियोजना की सफलता से उत्साहित होकर, हमारी सरकार, 3 वर्षों में किसानों और उनकी जमीन को शामिल करने के उद्देश्य से राज्यों के साथ मिलकर कृषि में डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना (डीपीआई) को लागू करने में सहायता करेगी। इस वर्ष, डीपीआई का उपयोग करते हुए 400 जिलों में खरीफ का डिजिटल फसल सर्वेक्षण किया जाएगा। 6 करोड़ किसानों और उनकी जमीन के ब्यौरे को किसान और जमीन की रजिस्ट्री में दर्ज किया जाएगा। इसके अलावा, 5 राज्यों में जन समर्थ आधारित किसान क्रेडिट कार्ड जारी कराए जाएंगे।
झींगा ब्रूङ-स्टॉक्स के लिए न्यूक्लियस ब्रीडिंग केंद्रों का नेटवर्क स्थापित करने के लिए वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। झींगा खेती, प्रसंस्करण और निर्यात के लिए नाबार्ड के माध्यम से वित्तपोषण की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।
हमारी सरकार सहकारी क्षेत्र के प्रणालीगत, व्यवस्थित और चहुँ मुखी विकास के लिए राष्ट्रीय सहकारी नीति लाएगी। इस नीति का लक्ष्य ग्रामीण अर्थव्यवस्था के विकास में तेजी लाना और बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसरों का सृजन करना होगा।
इस वर्ष, मैंने कृषि और संबद्ध क्षेत्र के लिए 1.52 लाख करोड़ रुपए का प्रावधान रखा है।
Updated on:
23 Jul 2024 03:22 pm
Published on:
23 Jul 2024 11:26 am
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