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Election Commission के ऑफिस के बाहर धरने पर बैठे TMC के 10 सांसद, पुलिस ने हिरासत में लिया

Lok Sabha Elections 2024: ममता बनर्जी की पार्टी टीएमसी के10 सांसद केंद्रीय जांच एजेंसियों के कथित दुरुपयोग को लेकर शिकायत करने पहुंचे चुनाव आयोग कार्यालय के बाहर ही धरने पर बैठ गए। इसमें राज्यसभा और लोकसभा के एमपी शामिल हैं।

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Lok Sabha Elections 2024 पश्चिम बंगाल की सत्ताधारी पार्टी टीएमसी और केंद्रीय जांच एजेंसियों के बीच पिछले कुछ महीनों में घमासान जारी है। बंगाल की सीएम मोदी सरकार पर हर मंच से निशाना साध रही हैं। इस बीच दिल्ली में इलेक्शन कमीशन के दफ्तर के बाहर टीएमसी के दस सांसद धरना पर बैठ गए। इन सांसदों ने मांग थी कि ED, CBI, NIA, जैसी केंद्रीय जांच एजेंसियों के निदेशकों को बदला जाए। अब दिल्ली पुलिस ने अब सभी सांसदों को वहां से उठाकर हिरासत में ले लिया है। बता दें कि इलेक्शन कमीशन के ऑफिस के बाहर धरना प्रदर्शन कर रहे 10 सांसदों ने पहले आयोग के अधिकारियों से मुलाकात की और केंद्रीय एजेंसियों के दुरुपयोग पर रोक लगाने की मांग की है। ममता के सांसदों ने सभी एजेंसियों के निदेशक को बदलने की मांग की है। ममता के सांसदों ने आरोप लगाया है कि केंद्र सरकार इन सभी एजेंसियों का गलत इस्तेमाल कर रही है।

टीएमसी सांसद साकेत गोखले ने लिखे, "दिल्ली पुलिस ने हमारे 5 टीएमसी सांसदों और 4 पूर्व सांसदों का अपहरण कर लिया है। हम चुनाव आयोग पर विरोध प्रदर्शन कर रहे थे और हमें बताया गया कि हमें मंदिर मार्ग पुलिस स्टेशन ले जाया जाएगा और फिर, अचानक, बस का मार्ग बदल दिया गया और वह एक अज्ञात स्थान पर जा रही है। इस पर ध्यान दें - 5 वर्तमान सांसदों और 4 पूर्व सांसदों पर हमला किया गया, हिरासत में लिया गया, और अब उन्हें अवैध रूप से किसी अज्ञात स्थान पर ले जाया जा रहा है।"

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने सोमवार को कहा कि अगर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पूरे संसद भवन को जेल में बदल दें तब भी वह डरने वाली नहीं हैं। लोकसभा चुनाव के बाद भ्रष्टाचार के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की प्रधानमंत्री की हालिया चेतावनी का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इस तरह के बयान सिर्फ भाजपा कार्यकर्ताओं का मनोबल बढ़ाने के लिए दिए गए थे।

ममता बनर्जी ने बांकुरा जिले में एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए कहा, "आप किसे धमकाने की कोशिश कर रहे हैं? हम डरे हुए नहीं हैं। प्रधानमंत्री 4 जून के बाद सभी को सलाखों के पीछे भेजने की धमकी दे रहे हैं। क्या ऐसे बयान प्रधानमंत्री को शोभा देते हैं? क्या वह संसद भवन को जेल में तब्दील करना चाहते हैं? पहले से ही केंद्रीय एजेंसियों का दुरुपयोग करके पूरे देश को एक आभासी जेल में तब्दील किया जा रहा है। आप जो कर सकते हैं, कर लें। लेकिन हमें धमकी मत दीजिए।''