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Ratan Tata Last Rites: रतन टाटा के लिए हिंदू-मुस्लिम-सिख-ईसाई सर्वधर्म ने एक साथ पढ़ी दुआएं, लोगों ने कहा- ये है मेरे देश की खूबसूरती

Ratan Tata: रतन टाटा की प्रार्थना सभा में पारसी, मुस्लिम, ईसाई, सिख और हिंदू के पुजारी कंधे से कंधा मिलाकर खड़े हैं और एनसीपीए लॉन में माइक्रोफोन में प्रार्थना पढ़ रहे हैं।

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Ratan Tata: टाटा संस के मानद चेयरमैन रतन टाटा ने 9 अक्टूबर को रात 11:30 बजे साउथ मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में अंतिम सांस ली। उनके पार्थिव शरीर को भारतीय राष्ट्रीय ध्वज में लपेटकर नरीमन पॉइंट स्थित नेशनल सेंटर फॉर परफॉर्मिंग आर्ट्स (NCPA) के लॉन में रखा गया, और उन्हें आखिरी सलामी दी गई। इसके बाद, उनके पार्थिव शरीर को वर्ली श्मशान घाट के प्रार्थना कक्ष में अंतिम संस्कार के लिए ले जाया गया। NCPA में उनकी प्रार्थना सभा में पारसी, मुस्लिम, ईसाई, सिख और हिंदू धर्मों के पुजारी प्रार्थना पढ़ने के लिए एकत्र हुए। इस मार्मिक सभा के वीडियो इंटरनेट पर वायरल हो रहे हैं, जिसमें कई लोग उद्योगपति को ‘भारत का सच्चा प्रतीक’ कह रहे हैं।

सर्वधर्म सम्मान

सोशल मीडिया पर शेयर किए गए वीडियो के कैप्शन में लिखा है, "सभी धर्मों के पुजारी रतन टाटा की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना कर रहे हैं। यह भारत है, भारत का विचार, विविधतापूर्ण राष्ट्र, जहाँ सभी धर्म एक-दूसरे का सम्मान करते हैं। एनसीपीए लॉन में रतन टाटा को अंतिम श्रद्धांजलि के दृश्य।

प्रार्थना सभा का एक और वीडियो यहां देखें।

रतन टाटा के पार्थिव शरीर को वर्ली के पारसी कब्रिस्तान में ले जाया जाया गया, जहां उन्हें सबसे पहले लगभग 45 मिनट तक चलने वाली अंतिम प्रार्थना के लिए प्रार्थना कक्ष में रखा गया। प्रार्थना के बाद, शव को अंतिम संस्कार के लिए इलेक्ट्रिक शवदाह गृह ले जाया गया।

टाटा संस ने एक बयान में कहा

"बहुत दुख के साथ हम अपने प्रिय रतन के शांतिपूर्ण निधन की घोषणा करते हैं। हम, उनके भाई, बहन और परिवार, उन सभी लोगों से मिले प्यार और सम्मान से सांत्वना और सांत्वना पाते हैं जो उनके प्रशंसक थे। हालाँकि वे अब हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन उनकी विनम्रता, उदारता और उद्देश्य की विरासत आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करती रहेगी। इस दुख की घड़ी में, हम निजता का अनुरोध करते हैं क्योंकि हम उनकी स्मृति का सम्मान करने के लिए एक साथ आए हैं,"