Tripura's King Pradyot Bikram Manikya Deb Barma: त्रिपुरा में आज विधानसभा चुनाव का परिणाम आ रहा है। 60 विधानसभा सीट वाले त्रिपुरा में 16 फरवरी को 86.10 प्रतिशत मतदान हुआ था। यहां के चुनाव परिणाम में त्रिपुरा के राजशाही परिवार से ताल्लुक रखने वाले प्रद्योत किशोर माणिक्य देब बर्मा की पार्टी टिपरा मोथा पार्टी ( TMP) ने शानदार प्रदर्शन किया है।
Tripura's King Pradyot Bikram Manikya Deb Barma: प्रद्योत किशोर माणिक्य देब बर्मा... त्रिपुरा विधानसभा चुनाव के बीच इस नाम की चर्चा सबसे अधिक है। कारण है त्रिपुरा के विधानसभा चुनाव 2023 में प्रद्योत किशोर माणिक्य देब बर्मा की नई नवेली पार्टी टिपरा मोथा पार्टी (TMP) का शानदार प्रदर्शन। त्रिपुरा विधानसभा चुनाव 2023 के लिए आज हो रही काउंटिंग के शुरुआती रुझान में प्रद्योत किशोर माणिक्य देब बर्मा की पार्टी टीएमपी 13 सीटों पर बढ़त हासिल किए हुए है। पहली ही चुनाव में किसी राज्य में 13 सीटों पर आगे निकलता किसी भी पार्टी के लिए बड़ी बात होती है। वो भी तब उस राज्य की गिनती किसी एक पार्टी का गढ़ रही हो। जी हां, त्रिपुरा को नार्थ ईस्ट में लेफ्ट (वाम दलों) का गढ़ माना जाता था। यहां लेफ्ट पार्टियां लंबे समय तक सत्ता में रही। लेकिन बीते पांच साल से त्रिपुरा में भाजपा की सरकार है। हालांकि इस बार के चुनाव में प्रद्योत किशोर माणिक्य देब बर्मा किंगमेकर की भूमिका में उभरे हैं।
अभी बीजेपी सबसे आगे, लेफ्ट दूसरे और टीएमपी तीसरे स्थान पर-
60 विधानसभा सीट वाले त्रिपुरा में 16 फरवरी को 86.10 प्रतिशत मतदान हुआ था। यहां सरकार बनाने के लिए सियासी दलों को 31 सीटों पर जीत हासिल करना जरूरी है। काउंटिंग के ताजा अपडेट में त्रिपुरा में बीजेपी 32 सीटों पर आगे चल रही है। लेफ्ट और कांग्रेस का गठबंधन इस समय यहां 15 सीटों पर आगे चल रही है। जबकि तीसरे नंबर पर टिपरा मोथा पार्टी 12 सीटों पर आगे चल रही है। यदि त्रिपुरा में बीजेपी बहुमत से पीछे रहती है तो टिपरा मोथा पार्टी किंगमेकर बन सकती है।
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42 उम्मीदवार उतारे, टिपरालैंड की मांग की बुलंद-
त्रिपुरा चुनाव में शाही परिवार से आने वाले प्रद्योत किशोर माणिक्य देब बर्मा की पार्टी टिपरा मोथा ने 42 उम्मीदवारों को चुनावी मैदान में उतारा था। इस चुनाव में प्रद्योत माणिक्य देब बर्मा टिपरा मोथा पार्टी के जरिए अलग राज्य का मुद्दा बुलंद किया है। यह वही परिवार है जिसने त्रिपुरा का विलय भारत में करवाया, अब इसी परिवार से आने वाले प्रद्योत माणिक्य देबबर्मा ने 'टिपरालैंड' की मांग उठाई है।
प्रद्योत माणिक्य की पार्टी का त्रिपुरा के आदिवासी इलाकों में मजबूत पकड़-
प्रद्योत माणिक्य देब बर्मा की पार्टी टिपरा मोथा त्रिपुरा के आदिवासी इलाकों में मजबूत मानी जा रही है। 4 जुलाई 1978 को त्रिपुरा के शाही परिवार में जन्मे प्रद्योत माणिक्य देब बर्मा की गिनती आज त्रिपुरा के सबसे उभरते नेता में की जाती है। उनके पिता किरीट बिक्रम किशोर देब बर्मा और उनकी मां बिभू कुमारी देवी है। उनका बचपन दिल्ली में गुजरा, लेकिन अब वो अगरतला में रहते हैं।
कांग्रेस से लंबे समय से जुड़ा रहा है प्रद्योत माणिक्य का परिवार-
प्रद्योत माणिक्य ने अपना राजनीतिक जीवन कांग्रेस के साथ शुरू किया था। 25 फरवरी 2019 वे त्रिपुरा कांग्रेस के चेयरमैन चुने गए। हालांकि इस पद पर वे बहुत दिनों तक नहीं रह सके। एनआरसी मुद्दे के चलते इस पद से इस्तीफा दे दिया. उन्होंने कुछ समय के लिए एक्टिव पॉलिटिक्स से ब्रेक ले लिया। प्रद्योत माणिक्य के पिता किरीट बिक्रम ने लंबे समय तक कांग्रेस की राजनीति की। वे 3 बार सांसद भी रहे। उनकी पत्नी यानी प्रद्योत माणिक्य की मां बिभू कुमारी देवी दो बार कांग्रेस विधायक और त्रिपुरा सरकार में मंत्री भी रही हैं।
2021 मे की थी TIPRA की शुरुआत
5 फरवरी 2021 को प्रद्योत माणिक्य के पिता ने TIPRA नामक सामाजिक संगठन को राजनीतिक दल बनाने का एलान किया था। उन्होंने 2021 का TTAADC लड़ने का ऐलान किया। आज ये दल टिपरा या टिपरा मोथा के नाम से भी जाना जाता है। इसका मांग ग्रेटर टिपरालैंड बनाने की है। इस बार के चुनाव में टीएमपी त्रिपुरा राज्य में तीसरी सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभर रही हैं।
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