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ISIS अटैक में अपने 2 जवानों को गंवाने के बाद बुरी तरह बौखलाए ट्रंप, दे दिया खलबली मचाने वाला बयान!

भारत

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Mukul Kumar

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Updated: 14 Dec 2025, 10:03 AM IST

US Troops

अमेरिकी सैनिक। (फोटो- IANS)

सीरिया में इस्लामिक स्टेट (ISIS) द्वारा आतंकवादी हमले के बाद दो अमेरिकी सैनिक और एक सिविलियन ट्रांसलेटर की जान चली गई है। इस घातक हमले में तीन अन्य अमेरिकी सैनिक भी घायल हुए हैं।

इस घटना की जानकारी मिलने के बाद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप बौखला उठे हैं। ट्रंप ने एक ट्रुथ सोशल पोस्ट में कहा कि इस हमले का जवाब जरूर मिलेगा। बदला बेहद खतरनाक होगा।

सैकड़ों अमेरिकी सैनिक सीरिया में तैनात

आतंकवादी ग्रुप और सिविल झगड़े से भरे एक अशांत इलाके में अमेरिकी कर्मचारियों पर यह हमला अब दुनिया भर में चर्चा का विषय बना है।

बता दें कि सीरिया में सैकड़ों अमेरिकी सैनिक तैनात हैं। वे ISIS के खिलाफ लड़ रहे हैं। अमेरिकी सैनिकों की तैनाती का उद्देश्य क्षेत्र में स्थिरता लाना और ISIS के हमलों को रोकना है।

बशर अल-असद की सरकार गिरने के बाद पहला हमला

सीरिया में अमेरिकी सैनिकों पर यह हमला प्रेसिडेंट एक साल पहले बशर अल-असद की सरकार के गिरने के बाद हुआ है। अमेरिका के रक्षा मंत्री ने भी इसको लेकर बयान जारी किया है।

पीट हेगसेथ ने अपने एक्स पोस्ट कहा- यह जान लें, अगर आप अमेरिकियों को टारगेट करते हैं तो दुनिया में कहीं भी आप रहें यूनाइटेड स्टेट्स आपको ढूंढेगा, और बेरहमी से मार डालेगा।

कहां हुई है गोलीबारी?

यह गोलीबारी पल्मायरा के पास हुई है। जब यह हमला हुआ, तब सैनिक किसी नेता के साथ मीटिंग कर रहे थे। हताहतों को हेलीकॉप्टर से इराक और जॉर्डन की सीमा के पास अल-तन्फ गैरीसन ले जाया गया।

उधर, सीरिया पर नजर रखनी वाली ब्रिटेन की एक ह्यूमन राइट्स संस्था ने बताया कि हमलावर सीरियाई सिक्योरिटी फोर्स का सदस्य था। यह भी खबर मिल रही है कि हमलावर मारा गया है, लेकिन इस संबंध में अधिक जानकारी नहीं है।

असद की सरकार में नहीं थे अमेरिका के साथ डिप्लोमैटिक रिश्ते

बता दें कि जब असद की सरकार थी तो अमेरिका के सीरिया के साथ कोई डिप्लोमैटिक रिश्ते नहीं थे, लेकिन पांच दशक के असद परिवार के राज के खत्म होने के बाद से रिश्ते बेहतर हुए हैं।

अंतरिम प्रेसिडेंट अहमद अल-शरा ने पिछले महीने अमेरिका का ऐतिहासिक दौरा किया, जहां उन्होंने ट्रंप से बातचीत की। वैसे तो इस्लामिक स्टेट के आतंकियों को 2019 में सीरिया में लड़ाई के मैदान में हरा दिया गया था, लेकिन ग्रुप के स्लीपर सेल अभी भी देश में जानलेवा हमले करते हैं। आतंकियों के हमले से लोगों को बचाने के लिए अमेरिका ने सीरिया में विभिन्न जगहों पर अपने सैनिक तैनात किए हैं।