Adani-Hindenburg row अदाणी-हिंडनबर्ग मामले में सुप्रीम कोर्ट की चिंता पर वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शनिवार को कहा कि, भारत में नियामक काफी अनुभवी और अपने क्षेत्र के विशेषज्ञ हैं।
Union finance ministerNirmala Sitharaman Said अदाणी-हिंडनबर्ग मामले में सुप्रीम कोर्ट की चिंता पर वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शनिवार को कहा कि, भारत में नियामक काफी अनुभवी और अपने क्षेत्र के विशेषज्ञ हैं। सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को अदाणी विवाद में हस्तक्षेप की मांग वाली याचिका पर सुनवाई की थी। प्रधान न्यायाधीश डी. वाई. चंद्रचूड़ ने शुक्रवार को मामले की सुनवाई करते हुए कहा कि, क्या हम हस्तक्षेप करते हैं और यह सुनिश्चित करने के लिए एक तंत्र है कि ऐसा दोबारा न हो, हम नीतिगत मामलों में नहीं पड़ना चाहते। यह सरकार के लिए है। सुप्रीम कोर्ट ने वित्त मंत्रालय और सेबी से यह भी जवाब मांगा कि, अमेरिकी फर्म हिंडनबर्ग द्वारा Adani Group के खिलाफ स्टॉक हेरफेर के आरोप के बाद हाल ही में बाजार में गिरावट के आलोक में निवेशकों की सुरक्षा कैसे सुनिश्चित की जाए।
rbi निदेशक मंडल की केंद्रीय बोर्ड की बैठक में शामिल हुई वित्त मंत्री
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा, स्पष्ट रूप से आप मुझसे यह उम्मीद नहीं कर रहे हैं कि मैं आपको वह बताऊंगी जो मैं अदालत में कहूंगी। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने केंद्रीय बजट 2023-24 के बाद भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के निदेशक मंडल की केंद्रीय बोर्ड की बैठक में हिस्सा लिया। बैठक में भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर शक्तिकांत दास भी उपस्थित रहें। बैठक के बाद एक संवाददाता सम्मेलन में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कई सवालों का बेबाकी से जवाब दिया।
नई कर व्यवस्था से मध्यम वर्ग को लाभ होगा
नई कर व्यवस्था पर वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि, इससे मध्यम वर्ग को लाभ होगा, क्योंकि इससे उनके हाथों में अधिक पैसा बचेगा। वित्त मंत्री ने कहा कि, यह महत्वपूर्ण है कि लोगों को व्यक्तिगत पसंद करने की अनुमति दी जाए कि कहां निवेश करना है।
क्रिप्टो पर एक अकेला देश कुछ नहीं कर सकता
क्रिप्टो संपत्तियों को विनियमित करने के एक प्रश्न के जवाब में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि, क्रिप्टोकरेंसी में तकनीक का ज्यादा रोल है इसलिए हम सभी देशों से बात कर रहे हैं कि अगर क्रिप्टो को लेकर नियम लाना है तो क्या कोई मानक संचालन प्रक्रिया का पालन कर सकते हैं क्योंकि क्रिप्टो पर एक अकेला देश कुछ नहीं कर सकता। G20 देशों के साथ चर्चा जारी है।