
अजित पवार प्लेन क्रैश केस में आया बड़ा अपडेट (Photo: IANS)
महाराष्ट्र के पूर्व डिप्टी सीएम अजित पवार के प्लेन क्रैश को लेकर केंद्रीय नागरिक उड्डयन राज्यमंत्री मुरलीधर मोहोल ने कहा कि बारामती में हुए विमान हादसे की शुरुआती जांच रिपोर्ट 28 फरवरी या उससे पहले आ सकती है। इससे पहले विभाग ने हादसे को लेकर चल रही बयानबाजी पर कहा था कि रेगुलेटरी बॉडीज ट्रांसपेरेंसी, सेफ्टी ओवरसाइट और अकाउंटेबिलिटी के लिए पूरी तरह से कमिटेड हैं। स्टेकहोल्डर्स से रिक्वेस्ट है कि वे अटकलें न लगाएं और कानूनी जांच और रेगुलेटरी प्रोसेस को तय प्रोसीजर के हिसाब से आगे बढ़ने दें।
दरअसल, विमान हादसे को लेकर अजित पवार के भतीजे व एनसीपी (एसपी) विधायक रोहित पवार ने कहा था कि विमानन कंपनी ने सेफ्टी नॉर्म्स में लापरवाही बरती। उन्होंने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर एयरक्राफ्ट की मालिकी वाली फर्म से जुड़ी गड़बड़ियों और दूसरी टेक्निकल गड़बड़ियों को सामने लाया था।
IECAO के नियमों के मुताबिक, बारामती में लियरजेट 45 (वीटी-एसएसके) क्रैश की जांच पर शुरुआती रिपोर्ट दुर्घटना होने के 30 दिनों के अंदर जारी करनी होती है। इस पर मंत्रालय ने भी कहा कि फाइनल रिपोर्ट सही समय पर आएगी। उड्डयन मंत्रालय ने कहा कि क्रैश की एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो (एएआईबी) की जांच टेक्निकल और सबूतों पर आधारित है, जिसमें मलबे की सिस्टमैटिक जांच, ऑपरेशनल और मेंटेनेंस रिकॉर्ड और जरूरत पड़ने पर पार्ट्स की लैब टेस्टिंग शामिल है।
जानकारी के मुताबिक, एयरक्राफ्ट में दो अलग-अलग फ्लाइट रिकॉर्डर लगे थे। जिसमें से एक L3 कम्युनिकेशंस द्वारा बनाए गए डिजिटल फ्लाइट डेटा रिकॉर्डर (DFDR) को नई दिल्ली में AAIB की फैसिलिटी में सफलतापूर्वक डाउनलोड कर लिया गया है। वहीं, कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर (CVR) को थर्मल डैमेज हुआ है। मंत्रालय ने कहा कि चूंकि इसे हनीवेल ने बनाया है, इसलिए आईसीएओ (इंटरनेशनल सिविल एविएशन ऑर्गनाइजेशन) के नियमों के मुताबिक, स्टेट ऑफ डिजाइन/मैन्युफैक्चर से टेक्निकल मदद मांगी गई है।
2025 के दौरान डायरेक्टरेट जनरल ऑफ सिविल एविएशन (डीजीसीए) ने नॉन-शेड्यूल्ड ऑपरेटरों के 51 रेगुलेटरी ऑडिट किए। इसके अलावा, मेसर्स वीएसआर वेंचर्स की कई बार निगरानी की गई, जिसमें फ्लाइट सेफ्टी सिस्टम, फ्लाइट ड्यूटी टाइम लिमिट, मेंटेनेंस कम्प्लायंस (सीएआर एम और सीएआर 145), डॉक्यूमेंटेशन और स्टेशन फैसिलिटी जैसे एरिया शामिल थे। बयान में कहा गया कि सभी निगरानी नतीजों पर ध्यान दिया गया और उन्हें बंद कर दिया गया।
हादसे के बाद नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने डीजीसीए से वीएसआर वेंचर्स का एक स्पेशल ऑडिट करने को कहा, ताकि रेगुलेटरी कम्प्लायंस, ऑपरेशनल कंट्रोल सिस्टम, मेंटेनेंस प्रैक्टिस, क्रू ट्रेनिंग स्टैंडर्ड, सेफ्टी मैनेजमेंट सिस्टम और सीवीआर/एफडीआर मॉनिटरिंग का पूरा रिव्यू किया जा सके। मंत्रालय के मुताबिक ऑडिट 4 फरवरी, 2026 को शुरू हुआ और जल्द ही इसके खत्म होने की उम्मीद है। बयान में कहा गया है कि नतीजों का रिव्यू किया जाएगा और डीजीसीए की एनफोर्समेंट पॉलिसी और प्रोसीजर मैनुअल के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
Published on:
22 Feb 2026 06:20 pm
बड़ी खबरें
View Allराष्ट्रीय
ट्रेंडिंग
