
रविवार को ब्रैम्पटन (Brampton) के हिंदू सभा मंदिर के पास खालिस्तानी चरमपंथियों के प्रदर्शन ने हिंसात्मक रूप ले लिया, जिसमें मंदिर के भक्तों पर हमले की खबर है। इस घटना की कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो (PM Justin Trudeau) सहित कई नेताओं ने कड़ी निंदा की है। ट्रूडो ने कहा, "ब्रैम्पटन के हिंदू सभा मंदिर में हुई हिंसा अस्वीकार्य है। हर कनाडाई को अपनी आस्था की स्वतंत्रता और सुरक्षा का अधिकार है।" उन्होंने पील पुलिस का शुक्रिया भी अदा किया, जिन्होंने तुरंत कार्रवाई की और समुदाय की सुरक्षा सुनिश्चित की। इसी बीच केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू (Ravneet Singh Bittu) का भी बयान सामने आया है।
श्री मुक्तसर साहिब, पंजाब: कनाडा में हिंदू मंदिर पर हमले पर केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू ने कहा, "पिछले कुछ दिनों से जो खबरें आ रही हैं, कनाडा में जो स्थिति बनी है, वह किसी एक धर्म से जुड़ी नहीं है। हिंदू हो या सिख, पीएम ट्रूडो ने वहां सबको बांट दिया है…खालिस्तानी त्योहारों के मौसम में लोगों को परेशान करने के लिए धार्मिक स्थलों के बाहर आ गए। उनकी पुलिस खालिस्तानियों के समर्थन में खड़ी दिख रही है…इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। हम कनाडा सरकार के खिलाफ जहां भी जाना होगा, जाएंगे…खालिस्तानी नारे लगाने वाले ये लोग उनके पेरोल पर हैं।"
पिछले साल भी इसी तरह की घटनाएं सामने आई थीं, जैसे विंडसर के एक हिंदू मंदिर पर भारत-विरोधी चित्र बनाए गए थे। इस प्रकार की घटनाएं धार्मिक असहिष्णुता और कट्टरपंथ के बढ़ते प्रभाव को दर्शाती हैं। ऐसे हमलों ने भारत-कनाडा संबंधों को प्रभावित किया है। प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने भारत पर खालिस्तानी नेता हरदीप सिंह निज्जर की हत्या में संलिप्त होने के आरोप लगाए थे, जिन्हें भारत ने "बेतुका" और "प्रेरित" बताया है।
Updated on:
04 Nov 2024 02:54 pm
Published on:
04 Nov 2024 02:54 pm
