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बचपन बचाओ आंदोलन को वत्सल भारत पुरस्कार

- बीबीए ने पिछले चार दशकों में छापामार कार्रवाइयों के जरिए सवा लाख से ज्यादा बच्चों को बाल मजदूरी के चंगुल से मुक्त कराया

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बचपन बचाओ आंदोलन को वत्सल भारत पुरस्कार

बचपन बचाओ आंदोलन को वत्सल भारत पुरस्कार

नई दिल्ली। केंद्रीय महिला एवं बाल कल्याण मंत्रालय ने बाल अधिकारों के संरक्षण और बाल कल्याण सुनिश्चित करने की दिशा में किए गए प्रयासों के लिए नोबल पुरस्कार विजेता कैलाश सत्यार्थी की ओर से स्थापित एनजीओ बचपन बचाओ आंदोलन (बीबीए) को वत्सल भारत पुरस्कार से सम्मानित किया।

महिला एवं बाल कल्याण मंत्रालय की अतिरिक्त सचिव अदिति दास राउत और राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग के अध्यक्ष प्रियंक कानूनगो ने बनारस में काशी हिंदू विश्वविद्यालय के स्वतंत्रता भवन सभागार में बीबीए के निदेशक विनय सिंह को यह पुरस्कार प्रदान किया।

बीबीए को प्रदत्त प्रशस्ति पत्र में केंद्र सरकार ने देश में बाल अधिकारों के संरक्षण और बाल कल्याण सुनिश्चित करने की दिशा में बचपन बचाओ आंदोलन के योगदान की सराहना की। बीबीए ने पिछले चार दशकों में छापामार कार्रवाइयों के जरिए देश में सवा लाख से भी ज्यादा बच्चों को बाल मजदूरी के चंगुल से मुक्त कराया है।

बीबीए के कार्यकारी निदेशक धनंजय टिंगल ने पुरस्कार पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि यह देश में बच्चों के अधिकारों के संरक्षण और उनके कल्याण के लिए दशकों से किए जा रहे प्रयासों का सम्मान है। बीबीए के संघर्षों की बदौलत बाल अधिकार और बाल कल्याण का मुद्दा मुख्य धारा के विमर्श में शामिल हो सका है तथा बाल मजदूरी, बाल विवाह और बच्चों की ट्रैफिकिंग के खिलाफ कई कानून अस्तित्व में आए हैं। यह पुरस्कार बीबीए के प्रयासों को दोगुनी प्रतिबद्धता से आगे बढ़ाएगा।