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नहीं थम रही मणिपुर में हिंसा… अब चुराचांदपुर जिले में भड़की हिंसा: जमकर हुई गोलाबारी

Violence in Churachandpur: जानकारी के मुताबिक यहां के थोरबुंग इलाकों में भारी गोलीबारी हो रही है। फिलहाल इस फायरिंग में कितने हताहत हुए, इस बात की जानकारी नहीं मिल पाई है।

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मणिपुर में हिंसा लगातार बढ़ती जा रही है। केंद्र के दखल के बावजूद यहां हालात काबू में होते नहीं दिखाई दे रहा है। गुरुवार को राज्य के चुराचांदपुर जिले में हिंसा भड़क गई। जानकारी के मुताबिक यहां के थोरबुंग इलाकों में भारी गोलीबारी हो रही है। फिलहाल इस फायरिंग में कितने हताहत हुए, इस बात की जानकारी नहीं मिल पाई है। थोरबुंग इलाका सबसे संवेदनशील बना हुआ है। इस वक्त पूरे देश की नजर मणिपुर पर बनी हुई है। केंद्र सरकार वहां शांति स्थापित करने के लिए लगातार कोशिश कर रही हैं। वहीं, देश की संसद में भी मणिपुर को लेकर काफी बहस हो रही है।

कुकी और मैतई प्रतिनिधियों से मिले केंद्र के प्रतिनिधि

सूत्रों के मुताबिक पूर्वोत्तर के लिए केंद्र के प्रभारी, इंटेलिजेंस ब्यूरो के पूर्व अतिरिक्त निदेशक अक्षय मिश्रा ने सरकार के साथ सस्पेंशन ऑफ ऑपरेशन (SoO) समझौते के तहत कुकी आतंकवादी समूहों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक की। केंद्र का प्रतिनिधित्व करने वाले एक आईबी अधिकारी के साथ मणिपुर इंटीग्रिटी के लिए समन्वय समिति (COCOMI) के प्रतिनिधियों के साथ एक अलग दौर की बातचीत भी हुई। COCOMI एक मैतेई नागरिक समाज संगठन है।

विपक्ष ने की राज्य में राष्ट्रपति शासन लागू करने की मांग

मणिपुर की 9 कुकी जनजातियों का प्रतिनिधित्व करने वाली जोमी काउंसिल संचालन समिति के साथ ही विपक्ष ने पीएम को लिखा है। उन्होंने पत्र में देश के इस संवेदनशील और रणनीतिक पूर्वी कोने में शांति और सामान्य स्थिति बहाल करने के लिए आपका (प्रधानमंत्री का) तत्काल हस्तक्षेप की जरूरत है। पत्र में कहा गया है कि राज्य में संवैधानिक और कानून-व्यवस्था की विफलता की वजह से तुरंत अनुच्छेद 356 (राष्ट्रपति शासन) लागू करना जरूरी हो गया है।

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