
Hafiz Saeed Dead! पाकिस्तान के झेलम में हुई एक गोलीबारी के बाद आई एक खबर ने भारत और पाकिस्तान में हलचले बढ़ा दी है। भारत के नंबर वन दुश्मन हाफिज सईद के मारे जाने की खबरें जोर पकड़ने लगी है। दरअसल, पाकिस्तान के झेलम इलाके में देर रात अज्ञात हमलावरों ने गोलीबारी की, जिसमें दो लोगों की मौत हुई। मारे गए एक शख्स की पहचान लश्कर-ए-तैयबा (LeT) के आतंकी अबु कताल के रूप में हुई, जो हाफिज सईद का भतीजा था। दूसरा शव किसका था, इसकी पुष्टि नहीं हुई, लेकिन कुछ रिपोर्ट्स में दावा किया गया कि वह हाफिज सईद हो सकता है, जो 26/11 मुंबई हमलों का मास्टरमाइंड था। स्थानीय पुलिस ने बताया कि हमलावर मोटरबाइक पर आए और फरार हो गए। अभी तक हाफिज सईद की मौत की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, और पाकिस्तानी अधिकारी इस पर चुप्पी साधे हुए हैं।
हाफिज मोहम्मद सईद, लश्कर-ए-तैयबा (LeT) का संस्थापक और सरगना है, जो एक कट्टरपंथी इस्लामिक आतंकी संगठन है। 10 जून 1950 को पाकिस्तान के सरगुजा जिले में जन्मे हाफिज सईद को 26/11 मुंबई हमलों का मास्टरमाइंड माना जाता है। 26 नवंबर 2008 को हुए इस हमले में 10 आतंकियों ने मुंबई पर हमला किया, जिसमें 166 लोग मारे गए और सैकड़ों घायल हुए थे। इस हमले ने भारत-पाकिस्तान संबंधों को गहरी चोट पहुंचाई और हाफिज सईद को भारत का नंबर वन दुश्मन बना दिया।
हाफिज सईद ने 1980 के दशक में अफगानिस्तान में सोवियत संघ के खिलाफ जिहाद में हिस्सा लिया था और उसी दौरान उसने जमात-उद-दावा (JuD) की नींव रखी, जिसे बाद में लश्कर-ए-तैयबा के रूप में जाना गया। यह संगठन कश्मीर में आतंक फैलाने और भारत के खिलाफ हमलों के लिए कुख्यात है। संयुक्त राष्ट्र ने उसे 2008 में वैश्विक आतंकवादी घोषित किया, और अमेरिका ने उस पर 1 करोड़ डॉलर का इनाम रखा। इसके बावजूद, वह लंबे समय तक पाकिस्तान में खुलेआम घूमता रहा और रैलियां करता रहा। 2019 में उसे आतंकवाद के वित्तपोषण के आरोप में गिरफ्तार किया गया और 78 साल की सजा सुनाई गई, लेकिन उसकी गतिविधियों पर संदेह बना रहा।
हाफिज सईद की मौत की अफवाहें कोई नई बात नहीं हैं। पिछले कुछ सालों में कई बार ऐसी खबरें सामने आईं, जिनमें उसे मृत घोषित किया गया, लेकिन हर बार ये अफवाहें झूठी साबित हुईं। यहाँ कुछ प्रमुख उदाहरण हैं:
Updated on:
16 Mar 2025 10:11 am
Published on:
16 Mar 2025 09:31 am
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