
हरिके बैराज से 4500 क्यूसेक अतिरिक्त पानी को लेकर हरियाणा से चल रहे जल विवाद के बीच पंजाब विधानसभा में सर्वसम्मत प्रस्ताव पारित कर कहा गया कि हरियाणा को एक बूंद अतिरिक्त पानी नहीं दिया जाएगा। सदन में पारित 6 प्रस्तावों में भाखड़ा ब्यास मैनेजमेंट बोर्ड (बीबीएमबी) की आलोचना की गई। कहा गया कि बीबीएमबी केंद्र सरकार के कठपुतली बन गया और पंजाब की आवाज नहीं सुनी जा रही।
बीबीएमबी की ओर हरियाणा और राजस्थान के लिए हरिके बैराज से हरियाणा को अतिरिक्त पानी दिए जाने के निर्देश पर यह विवाद चल रहा है। सदन में पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने चेतावनी दी कि फिलहाल हरियाणा को उसके हिस्से का 4000 क्यूसेक पानी दिया जा रहा है लेकिन ज्यादा विवाद हुआ तो इसे भी रोका जाएगा। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायबसिंह सैनी ने पंजाब की मान सरकार के रवैये और विधानसभा में पारित प्रस्तावों की निंदा करते हुए मांग की है कि बिना शर्त हरियाणा को पानी जारी किया जाए।
पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने सोमवार को बीबीएमबी की याचिका पर सुनवाई की जो मंगलवार को भी जारी रहेगी। बीबीएमबी ने याचिका में कहा है कि पंजाब पुलिस ने नांगल डैम और लोहंद कंट्रोल रूम जल विनियमन कार्यालयों पर नियंत्रण करने के लिए पुलिस कर्मियों को तैनात किया, जिससे बोर्ड की बैठकों में तय किए गए हरियाणा को 8,500 क्यूसेक पानी छोड़ने में बाधा उत्पन्न हुई। पंजाब सरकार के वकील ने इसका विरोध किया।
Updated on:
06 May 2025 08:09 am
Published on:
06 May 2025 08:09 am
