
Monsoon Update मानसून बीते महीने सुस्त रहना था। लेकिन सितंबर में झमाझम बारिश होन वाली है। भारतीय मौसम विज्ञान विभान के अनुसार, मानसून हवाओं का क्षेत्र फिलहाल हिमालय की तलहटी के करीब चल रहा है। मौसम विभाग के अनुसार, सितंबर के पहले हफ्ते में दक्षिण पश्चिम मानसूर फिर से सक्रिय हो गया है। इससे देश के मध्य व दक्षिणी राज्यों में बारिश होने की संभावना हैै। इसके अलावा, गंगीय पश्चिम बंगाल में तीन सितंबर, ओडिशा में तीन सितंबर को भारी बारिश होगी। वहीं, दिल्ली-एनसीआर में आज का मौसम शुष्क रहने की संभावना जताई गई है।
आज यहां होगी भारी बारिश
मौसम विभाग के अनुसार, नॉर्थईस्ट इंडिया में एक सितंबर से तीन सितंबर के बीच असम, मेघालय, नगालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में भारी बारिश देखने को मिलेगी। पूर्वी भारत की बात करें तो अंडमान और निकोबार में अगले पांच दिनों तक बारिश होगी। इसके अलावा, गंगीय पश्चिम बंगाल में और ओडिशा में आज भारी बारिश होने की चेतावनी जारी की गई है।
इन राज्यों में पांच सितबर तक बरसेंगे बादल
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक मध्य भारत के विदर्भ और छत्तीसगढ़ में पांच सितंबर तक भारी बारिश होने के आसार है। दक्षिण भारत में तमिलनाडु, पुडुचेरी, कराईकल, दक्षिणी आंतरिक कर्नाटक में भारी बारिश होगी। उत्तरी आंतरिक कर्नाटक में तीन और चार सितंबर को, जबकि केरल में पांच सितंबर और तटीय आंध्र प्रदेश व तेलंगाना में तीन से पांच सितंबर के दौरान भारी बारिश होने की संभावना है।
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दिल्ली का कैसा रहेगा मौसम
दिल्ली-एनसीआर में आज का मौसम शुष्क रहने की संभावना जताई गई है। IMD की मानें तो दिल्ली में हफ्तेभर में बारिश नहीं होगी। शनिवार और रविवार को दिल्ली में तेज हवाएं चलने का भी अनुमान है। चार सितंबर को न्यूनतम तापमान 26 डिग्री और अधिकतम तापमान 37 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। आने वाले पूरे हफ्ते में दिल्ली में तेज धूप खिली रहेगी।
सितंबर में ऐसा रहेगा मौसम का हाल
मौसम विज्ञान विभाग का कहना है कि इस महीने सामान्य से अधिक बारिश होने की संभावना है। मौसम विज्ञान विभाग के निदेशक मृत्युंजय महापात्र का कहना है कि अगर सितंबर में ज्यादा बारिश भी होती है तो भी जून से सितंबर के दौरान दर्ज की गई औसत वर्षा मौसम की सामान्य वर्षा से कम ही रहेगी।
आगे निदेशक महापात्र ने कहा कि अगस्त में बारिश की कमी के पीछे सबसे बड़ा कारण भूमध्यरेखीय प्रशांत महासागर में अल नीनो की स्थिति का बनना है। अब अरब सागर और बंगाल की खाड़ी के समुद्री सतह तापमान में अंतर अब पॉजिटिव होना शुरू हो गया है, जो अल नीनो के प्रभाव को उलट सकता है। इस कारण बादलों की गति बढ़ेगी और कई राज्यों में बारिश की संभावना बढ़ेगी।
Published on:
02 Sept 2023 07:32 am
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