
Heavy rain in Chennai
Weather Updates: तमिलनाडु में पिछले कुछ दिनों से बारिश का दौर जारी है। भारी बारिश की वजह से जनजीवन बुरी तरह से प्रभावित हो गया है। इस बीच भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने बुधवार को भारी बारिश की संभावना जताते हुए येलो अलर्ट जारी किया है। बारिश की वजह से कई जिलों में स्कूल और कॉलेजों में छुट्टी घोषित की गई है। भारी बारिश के बीच तमिलनाडु के कई जिलों में राज्य स्वास्थ्य विभाग ने डेंगू, इन्फ्लूएंजा और वायरल संक्रमण में वृद्धि संबंधी चेतावनी जारी की है। मौसम विभाग के अनुसार, तमिलनाडु के चेन्नई, चेंगलपट्टू, तिरुवल्लूर, कांचीपुरम, रानीपेट, कन्याकुमारी, तिरुनेलवेली, थूथुकुडी, तेनकासी, रामनाथपुरम, विरुधुनगर और मदुरै जिलों में भारी बारिश होने की संभावना है।
तमिलनाडु के मयिलादुथुराई, कराईकल, कुड्डालोर, अरियालुर और पेरम्बलुर जिलों में बारिश बारिश को देखते हुए स्कूल और कॉलेजों में छुट्टी का ऐलान कर दिया गया है। पुडुचेरी में भी बारिश की वजह से स्कूल-कॉलेज बंद रहेंगे। बारिश को देखते हुए कई जिले में आगे का फैसला लिया जाएगा।
चेन्नई और उसके आस-पास के जिलों कांचीपुरम, चेंगलपट्टू और तिरुवल्लूर में बुखार, श्वसन संक्रमण और वायरल रोगों के मामलों में वृद्धि देखने को मिल रही है। राज्य के विभिन्न हिस्सों से मलेरिया और लेप्टोस्पायरोसिस की रिपोर्ट भी सामने आई है। स्वास्थ्य विभाग ने निवासियों से विशेष रूप से बच्चों के लिए अतिरिक्त सावधानी बरतने का आग्रह किया है।
अधिकारियों ने तेज बुखार, ठंड लगना, खांसी, गले में खराश, शरीर में दर्द और सिरदर्द जैसे लक्षणों पर ध्यान देने को कहा। सलाह दी कि इस तरह के लक्षण अगर आपको दिखाई दें तो तुरंत डॉक्टर से सलाह लें। चेन्नई के एक निजी अस्पताल की एंटोमोलॉजिस्ट रजनी वारियर ने बताया कि अगर बच्चों में देखी जाने वाली सूखी खांसी अक्सर दो सप्ताह से अधिक समय तक बनी रहती है, जो वायरल संक्रमण का संकेत है।
रजनी वारियर ने कहा कि 17 अक्टूबर को पूर्वोत्तर मानसून की शुरुआत के बाद से बुखार, सिरदर्द और गले के संक्रमण के मामलों में ठीक ठाक वृद्धि देखने को मिल रही है। रजनी ने कहा कि बुखार उतरने के बाद भी गले में संक्रमण बना रह सकता है और श्वसन, किडनी या लीवर की समस्या जैसी पुरानी बीमारियों से पीड़ित लोगों को इस मौसम में अतिरिक्त सावधानी बरतने की जरूरत है।
डॉ. वारियर ने बाहर खाने और पानी पीने से भी बचने की सलाह दी है, क्योंकि बरसात के मौसम में टाइफाइड जैसी जीवाणु संबंधी बीमारियां आसानी से फैल सकती हैं। डॉ. वारियर माता-पिता को सलाह दी कि वह अपने बच्चों को केवल साफ और उबला हुआ पानी ही पीने दें। जानवरों के मूत्र से दूषित हुए पानी से लेप्टोस्पायरोसिस फैलने का खतरा रहता है।
जनवरी 2024 से तमिलनाडु में डेंगू के 18,000 से ज्यादा मामले दर्ज किए गए हैं। स्वास्थ्य विभाग ने निवासियों से मच्छरों के प्रजनन को रोकने के लिए अपने घरों के आस-पास जमा पानी को साफ करने को कहा है। स्वास्थ्य मंत्री मा सुब्रमण्यम ने बताया कि विभाग दस जिलों चेन्नई, कोयंबटूर, कृष्णगिरि, तिरुप्पुर, तिरुवल्लूर, थेनी, मदुरै, तिरुनेलवेली, तंजावुर और तिरुचि में विशेष रूप से नजर बनाए हुए है। यहां से 57 फीसदी मामले सामने दर्ज किए गए हैं।
सार्वजनिक स्वास्थ्य एवं निवारक चिकित्सा निदेशक डॉ. टी.एस. सेल्वाविनायगम कहा कि स्वास्थ्य विभाग सरकारी और निजी अस्पतालों द्वारा रिपोर्ट किए गए डेंगू और अन्य बुखार से संबंधित मामलों पर नजर रख रही है। लोगों को सलाह दी गई है कि वे घर के बेकार सामान में बारिश का पानी जमा न होने दें, क्योंकि इसमें मच्छर पनपते हैं।
Published on:
13 Nov 2024 02:59 pm

बड़ी खबरें
View Allबिहार चुनाव
राष्ट्रीय
ट्रेंडिंग
