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‘धीरे-धीरे खत्म हो जाएगी TMC’, भाजपा नेता दिलीप घोष ने किया बड़ा दावा

पश्चिम बंगाल चुनाव (West Bengal Election) से पहले भाजपा (BJP) और तृणमूल कांग्रेस (TMC) के बीच आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं। बीजेपी नेता दिलीप घोष ने दावा किया है कि धीरे-धीरे TMC अपने आप खत्म हो जाएगी।
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भारत

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Himadri Joshi

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Updated: 7 Apr 2026, 12:00 PM IST

BJP leader Dilip Ghosh

बीजेपी नेता दिलीप घोष (फोटो- आईएएनएस)

विधानसभा चुनाव से पहले पश्चिम बंगाल की राजनीति फिर गरमा गई है। सत्तारूढ़ दल और विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं। इसी बीच भाजपा नेता दिलीप घोष ने तृणमूल कांग्रेस पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि पार्टी धीरे-धीरे खत्म हो जाएगी। घोष ने पश्चिम बंगाल के खड़गपुर विधानसभा क्षेत्र में बयान देते हुए कहा कि तृणमूल कांग्रेस (TMC) चुनाव जीतने के लिए डराने और विपक्ष को दबाने की रणनीति अपनाती रही है।

आने वाले समय में TMC का असर कम

भाजपा उम्मीदवार दिलीप घोष ने आरोप लगाया कि पार्टी पहले भी इसी तरीके से आगे बढ़ी थी और अब वही पैटर्न दोहराया जा रहा है। घोष के अनुसार, जनता अब इस रणनीति को समझ चुकी है और आने वाले समय में TMC का राजनीतिक असर कम होता जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि पार्टी के कई नेता अब खुद को बचाने में लगे हुए हैं और मैदान में सक्रिय नहीं दिखेंगे।

राज्य में सुरक्षा के लिए केंद्रीय बलों की तैनाती जरूरी

घोष ने आगामी चुनावों को लेकर मजबूत सुरक्षा व्यवस्था की मांग भी उठाई। उन्होंने कहा कि राज्य में निष्पक्ष और पारदर्शी मतदान सुनिश्चित करने के लिए केंद्रीय बलों की तैनाती जरूरी है। उनके अनुसार, बिना सख्त सुरक्षा के मतदाता खुलकर वोट नहीं दे पाएंगे। उन्होंने यह भी कहा कि जहां जरूरत होगी वहां अतिरिक्त बल तैनात किया जाना चाहिए ताकि हर नागरिक बिना डर के मतदान कर सके। भाजपा का दावा है कि राज्य में पहले भी चुनाव के दौरान हिंसा की घटनाएं सामने आई हैं, जिन्हें रोकने के लिए इस बार कड़े कदम उठाने होंगे।

ममता बनर्जी ने भी चुनाव प्रक्रिया को लेकर जताई चिंता

दूसरी ओर, मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भी चुनाव प्रक्रिया को लेकर चिंता जताई है। उन्होंने आरोप लगाया कि मतदाता सूची में नाम हटाने की प्रक्रिया में पक्षपात हो सकता है और कुछ लोगों को डराया जा रहा है। उन्होंने चुनाव आयोग की भूमिका पर सवाल उठाते हुए पारदर्शिता की मांग की है। इसके अलावा, उन्होंने इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन यानी EVM की विश्वसनीयता पर भी सवाल उठाए और पार्टी कार्यकर्ताओं को सतर्क रहने के निर्देश दिए। इस तरह दोनों प्रमुख दलों के बीच आरोपों का दौर जारी है, जिससे चुनावी माहौल और ज्यादा तनावपूर्ण हो गया है।