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बंगाल में ज्यूडिशियल ऑफिसर्स को बनाया था बंधक, कोर्ट ने 15 और आरोपियों को भेजा जेल

Judicial Officers Hostage Case: बंगाल में ज्यूडिशियल ऑफिसर्स को बंधक बनाने के मामले में स्पेशल नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी कोर्ट ने 15 और आरोपियों को 14 दिन की ज्यूडिशियल कस्टडी में भेज दिया है।
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भारत

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Saurabh Mall

May 26, 2026

NIA court sends 15 more accused to 14-day custody

बंगाल में ज्यूडिशियल ऑफिसर्स को बंधक बनाने का मामला (इमेज सोर्स: पत्रिका)

West Bengal Judicial Officers Hostage Case:पश्चिम बंगाल के मालदा जिले में ज्यूडिशियल ऑफिसर्स को बंधक बनाने के मामले में NIA ने बड़ी कार्रवाई की है। कोलकाता की स्पेशल NIA कोर्ट ने 15 और आरोपियों को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। इन लोगों को NIA ने सोमवार रात से मंगलवार सुबह तक चले छापेमारी अभियान में गिरफ्तार किया।

यह मामला 1 अप्रैल का है, जब मालदा के मोथाबारी इलाके में स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) के दौरान सात ज्यूडिशियल ऑफिसर्स को कुछ लोगों ने बंधक बना लिया था। घटना के बाद से NIA लगातार जांच कर रही है।

जांच एजेंसी ने मोथाबारी और कालियाचक इलाके में अलग-अलग जगहों पर छापेमारी कर आरोपियों को पकड़ा और फिर उन्हें कोलकाता लाकर स्पेशल कोर्ट में पेश किया। सुनवाई के बाद कोर्ट ने सभी 15 आरोपियों को 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेजने का आदेश दिया। इस मामले में अब तक कुल 65 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है।

अब केस में गिरफ्तार लोगों की कुल संख्या 65

बता दें ज्यूडिशियल ऑफिसर्स को बंधक बनाने के मामले में अब तक कुल 65 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है। अब तक जांच के मुताबिक, यह मामला 1 अप्रैल का है, जब मोथाबारी इलाके में स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) के दौरान सात ज्यूडिशियल ऑफिसर्स को प्रदर्शनकारियों ने घेर लिया था। ये अधिकारी कलकत्ता हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस जस्टिस सुजॉय पॉल द्वारा नियुक्त किए गए थे और SIR सूची से नाम हटाने के मामलों की जांच कर रहे थे।

आरोप है कि जिन लोगों के नाम SIR लिस्ट से हटाए गए थे, उन्हीं के समर्थकों ने हिंसक प्रदर्शन किया और अधिकारियों को कालियाचक-2 ब्लॉक ऑफिस में देर रात तक बंधक बनाकर रखा। अधिकारियों के साथ बदसलूकी और परेशान करने के आरोप भी लगे थे।

शुरुआत में मामले की जांच पश्चिम बंगाल CID कर रही थी। CID ने वकील मोफक्करुल इस्लाम को गिरफ्तार किया था और उसे इस पूरे विरोध प्रदर्शन का मास्टरमाइंड बताया था। बाद में सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर चुनाव आयोग ने जांच NIA को सौंप दी।

अब NIA लगातार छापेमारी कर आरोपियों को गिरफ्तार कर रही है। सुप्रीम कोर्ट ने एजेंसी को जल्द जांच पूरी करने का निर्देश दिया है। साथ ही SIR में लगे ज्यूडिशियल अधिकारियों की सुरक्षा बनाए रखने के आदेश भी दिए गए हैं।